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साइबर पुलिस ने बैंक खाता फ्रीज़ कर दिया? अनजाने में ठगी का पैसा आ गया हो तो क्या करें

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।
जब ठगी का पैसा किसी बेगुनाह के खाते से होकर गुज़रता है, तो वह भी फंस जाता है, अक्सर P2P क्रिप्टो बिक्री या किसी काम के पेमेंट के बाद। जानिए खाता किसने फ्रीज़ किया यह कैसे पता करें, मुफ्त शिकायत निवारण का रास्ता कैसे अपनाएं, और पूरे खाते को फ्रीज़ करने के खिलाफ हाई कोर्ट के फैसलों का हवाला कैसे दें।
01 / बेगुनाह का खाता फ्रीज़ क्यों होता है
जब कोई फ्रॉड पीड़ित 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करता है, तो पुलिस एक खाते से दूसरे खाते तक पैसे का पीछा करती है और इस रास्ते में आने वाले हर बैंक से पैसा होल्ड करने को कहती है। गृह मंत्रालय की 2 जनवरी 2026 की SOP कहती है कि पैसा किसी भी परत पर होल्ड किया जा सकता है। RBI का एक ड्राफ्ट निर्देश म्यूल खाते को ऐसे खाते के रूप में परिभाषित करता है जिसका इस्तेमाल फ्रॉड का पैसा पाने या आगे भेजने के लिए "जानते हुए या अनजाने में" किया गया हो।
इसलिए आपने कुछ गलत न किया हो, तब भी आप इसमें फंस सकते हैं। ऐसा तब होता है जब पीयर-टू-पीयर क्रिप्टो सौदे में किसी खरीदार ने आपको चोरी के पैसे से भुगतान किया, या जब किसी क्लाइंट, किरायेदार या ग्राहक ने आपको ठगी के पैसे से पेमेंट किया। SOP जांच अधिकारियों से कहती है कि वे इस बात पर विचार करें कि खाते का इस्तेमाल खाताधारक की जानकारी या सहमति के बिना हुआ हो सकता है।
02 / लियन या डेबिट फ्रीज़: जानें आपके खाते पर क्या लगा है
लियन (lien) एक तय रकम को रोकता है, और बाकी बैलेंस आप इस्तेमाल कर सकते हैं। डेबिट फ्रीज़ पूरे खाते को रोक देता है। कई हाई कोर्ट ने पूरे खाते को फ्रीज़ करने पर आपत्ति जताई है:
- दिल्ली HC (Neelkanth Pharma Logistics बनाम भारत सरकार, 20 फरवरी 2025): करीब ₹93.5 करोड़ वाला एक खाता ₹200 के एक संदिग्ध क्रेडिट की वजह से फ्रीज़ कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि विवादित रकम पर लियन आदर्श रूप से "पहला और सबसे अहम विकल्प" होना चाहिए।
- बॉम्बे HC (नागपुर बेंच): सिर्फ विवादित रकम पर ही लियन लगाया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि BNSS की धारा 106 पूरे खाते पर डेबिट फ्रीज़ की इजाज़त नहीं देती, और कुर्की के लिए धारा 107 के तहत मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए।
- इलाहाबाद HC (Khalsa Medical Store बनाम RBI): पुलिस किसी तय रकम पर लियन मांग सकती है, लेकिन बैंक से पूरा खाता ब्लॉक करने को नहीं कह सकती। संबंधित क्षेत्र के मजिस्ट्रेट को 24 घंटे के अंदर सूचना देनी होगी।
- राजस्थान HC (जस्टिस समीर जैन): फ्रीज़ बिना पहले नोटिस दिए लगाया जा सकता है, लेकिन वह ज़रूरत के अनुपात में होना चाहिए और समय-समय पर उसकी समीक्षा होनी चाहिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से पहले SOP का शिकायत निवारण रास्ता अपनाने को कहा।
कोर्ट इन फैसलों को कैसे लागू करते हैं, यह मामले के तथ्यों पर निर्भर करता है, इसलिए अगर बड़ी रकम फंसी है तो किसी वकील से सलाह लेने पर विचार करें।
03 / पता करें कि खाता किसने फ्रीज़ किया
अपने बैंक से लिखित में ये जानकारी मांगें:
- आदेश भेजने वाला पुलिस स्टेशन और राज्य;
- NCRP एक्नॉलेजमेंट नंबर या केस का रेफरेंस;
- कितनी रकम का मामला है;
- यह लियन है या पूरा डेबिट फ्रीज़।
SOP कहती है कि बैंक आपको उस पुलिस यूनिट की संपर्क जानकारी दे सकता है जिसने कार्रवाई का आदेश दिया। इसमें फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) के 2 जून 2025 के स्पष्टीकरण का हवाला है कि यह जानकारी देना "टिप-ऑफ" नहीं माना जाता। बैंक आपको पीड़ित की जानकारी नहीं देगा।
04 / मुफ्त Grievance Redressal Module का इस्तेमाल करें
SOP एक ऑनलाइन शिकायत निवारण रास्ता तय करती है, जिसमें आप अपनी बैंक ब्रांच के ज़रिए जाते हैं:
- ब्रांच: अपनी सफाई और दस्तावेज़ लेकर अपनी ब्रांच जाएं। ज़रूरी जांच-पड़ताल के बाद बैंक को 7 दिन के अंदर आपकी शिकायत पोर्टल पर दर्ज करनी चाहिए।
- जांच अधिकारी: IO इसकी पुष्टि करता है, बेहतर हो तो वीडियो कॉल पर, और उसे 15 दिन के अंदर फैसला करना चाहिए। अगर वह संतुष्ट है, तो बैंक से होल्ड हटाने को कहता है।
- ज़िला शिकायत अधिकारी (एडिशनल SP या DSP): अगर IO समय पर कार्रवाई नहीं करता तो मामला अपने-आप इनके पास पहुंचता है, या इनकार के 15 दिन के अंदर आप समीक्षा की मांग कर सकते हैं।
- राज्य शिकायत अधिकारी (ADG, IG या DIG): जारी रखी गई ज़ब्ती या रोक के खिलाफ अपील सुनते हैं।
- 90 दिन का नियम: अगर चुनौती दिए गए होल्ड को जारी रखने का कोई कानूनी निर्देश 90 दिन के अंदर नहीं आता, तो बैंक को उसे हटाना शुरू करना चाहिए। पुलिस होल्ड को 90 दिन तक और बढ़ा सकती है।
- कोर्ट: आप किसी भी चरण में कोर्ट जा सकते हैं।
4 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने दर्ज किया कि यह मॉड्यूल 69 बैंकों की 1,23,590 ब्रांचों में लागू था। कोर्ट ने कहा कि लोगों को आमतौर पर पहले इसी का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, और इससे कोई दूसरा कानूनी उपाय खत्म नहीं होता।
05 / अपनी सफाई तैयार करें
- P2P सौदे के रिकॉर्ड: ऑर्डर ID, एक्सचेंज पर हुई चैट और खरीदार की प्रोफाइल।
- आपके दिए काम या सामान के बिल, कॉन्ट्रैक्ट या ईमेल।
- बैंक स्टेटमेंट जो आपके सामान्य लेन-देन का पैटर्न दिखाएं।
- अगर पेमेंट कारोबार की आमदनी थी तो ITR या GST रिकॉर्ड।
अगर IO आपको नोटिस भेजता है, तो दिए गए समय के अंदर जवाब दें। SOP में 15 दिन तक का समय दिया गया है।
06 / क्या बदलने वाला है: RBI की ड्राफ्ट SOP
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद RBI ने ड्राफ्ट KYC Amendment Directions, 2026 जारी किए। इन पर सुझाव 2 अक्टूबर तक दिए जा सकते हैं, और लागू होने की प्रस्तावित तारीख 1 अप्रैल 2027 है। ड्राफ्ट के तहत:
- बैंक सिर्फ संदिग्ध रकम को होल्ड करेंगे, और पूरे खाते को होल्ड करना आखिरी उपाय होगा;
- आपको सफाई देने के लिए 20 दिन मिलेंगे, और आपके जवाब के 10 दिन के अंदर बैंक फैसला करेगा;
- आमतौर पर कोई होल्ड 60 दिन से ज़्यादा नहीं चल सकेगा, जब तक पुलिस कुछ और न कहे।
ये अभी प्रस्ताव हैं, नियम नहीं।
07 / चेतावनियां और चेकलिस्ट
शिकायत निवारण का रास्ता मुफ्त है। जो भी खाता "अनफ्रीज़" करवाने के लिए आपसे पैसे मांगता है, वह ऐसी पहुंच बेच रहा है जो उसके पास है ही नहीं।
- अपने बैंक से पुलिस यूनिट, रेफरेंस नंबर और रकम की जानकारी लिखित में लें।
- अपनी ब्रांच के ज़रिए शिकायत दर्ज करें और रसीद संभालकर रखें।
- अगर पूरा खाता फ्रीज़ है, तो सिर्फ विवादित रकम पर लियन लगाने की मांग करें।
- "एजेंटों" को पैसे न दें, और मामला "सुलझाने" के लिए अनजान लोगों को पैसे न भेजें।
- अपना खाता कभी दूसरों को इस्तेमाल न करने दें। जानते-बूझते पेमेंट के लिए खाता देने पर आप पर आपराधिक मामला बन सकता है।
स्रोत सूची / 2026-0929-HF
- MHA / I4C — Standard Operating Procedure for NCRP-CFCFRMS, Custody, Restoration of Money and Grievance Redressal (2 Jan 2026; copy circulated by the Chhattisgarh High Court) Primary
- SCC Online — Delhi HC slams indiscriminate freezing of bank accounts, Neelkanth Pharma Logistics v. UOI (1 Mar 2025) Secondary
- The420.in — Bombay HC: only disputed amount can be placed on lien under BNSS Secondary
- 24Law — Allahabad HC bars blanket bank account freezes, Khalsa Medical Store v. RBI Secondary
- Juris Hour — Rajasthan HC: cybercrime account freezes must be proportionate and time-bound Secondary
- SCC Online — Supreme Court interim directions on digital arrest scams, order of 4 Aug 2026 (10 Aug 2026) Secondary
- Business Standard — Explained: RBI proposes 60-day debit holds for suspected mule accounts (15 Sep 2026) Secondary