होम पेज पर लौटेंRead in English

Analysis

SIM बाइंडिंग, IMEI पर सख्ती और संचार साथी: भारत के टेलीकॉम एंटी-फ्रॉड नियम अभी कहां खड़े हैं

प्रकाशित ताज़ा घटनाक्रम 4 मिनट में पढ़ेंलेखक: Vivek Kumar
प्रतीकात्मक चित्र, जिस पर अंग्रेज़ी में लिखा है: INDIA'S TELECOM FRAUD RULES

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।

मैसेजिंग ऐप्स के पास अकाउंट को चालू SIM से जोड़ने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक का समय है। हर छह घंटे में वेब लॉगआउट की तय शर्त हटा दी गई है। दूरसंचार विभाग चेतावनी दे रहा है कि IMEI से छेड़छाड़ करने या SIM किराये पर देने पर तीन साल की जेल हो सकती है।

01 / 2026 में क्या बदला

भारत का दूरसंचार विभाग (DoT) दूरसंचार अधिनियम, 2023 और टेलीकॉम साइबर सुरक्षा (TCS) नियम, 2024 (जिनमें 2025 में संशोधन हुआ) का इस्तेमाल करके उन टेलीकॉम कड़ियों को काट रहा है जिन पर साइबर फ्रॉड टिका है। इसके तीन हिस्से हैं: मैसेजिंग ऐप्स के लिए SIM बाइंडिंग, IMEI से छेड़छाड़ और SIM के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई, और संचार साथी के ज़रिए बड़े पैमाने पर कनेक्शन काटना।

SIM बाइंडिंग। 28 नवंबर 2025 को दूरसंचार विभाग ने WhatsApp, Telegram, Snapchat, Arattai, ShareChat, Josh, JioChat और Signal को निर्देश दिया कि हर अकाउंट को डिवाइस में मौजूद चालू SIM से लगातार जोड़े रखें। उस SIM के बिना ऐप काम नहीं करना चाहिए। वेब सेशन से कम से कम हर छह घंटे में लॉगआउट होना था। मूल समय-सीमा 90 दिन की थी, और अनुपालन रिपोर्ट 120 दिन में देनी थी (PIB, 1 दिसंबर 2025)। दूरसंचार विभाग ने कहा कि SIM निकाल लेने या विदेश ले जाने के बाद भी चलते रहने वाले अकाउंट भारतीय नंबरों से "डिजिटल अरेस्ट" और किसी और की पहचान अपनाकर की जाने वाली ठगी को मुमकिन बनाते हैं।

वह समय-सीमा निकल गई। 2 अप्रैल 2026 को PTI ने बताया कि इंडस्ट्री के और समय मांगने के बाद दूरसंचार विभाग ने इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया है, और तय छह घंटे वाले लॉगआउट की जगह जोखिम के आधार पर लॉगआउट की व्यवस्था कर दी है। उसी दिन राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने राज्यसभा को बताया कि वेब सेशन से लॉगआउट के लिए कोई तय अवधि नहीं रखी गई है (MediaNama)। Meta ने 7 अप्रैल को MediaNama से पुष्टि की कि WhatsApp भारतीय यूज़र्स के साथ SIM बाइंडिंग की टेस्टिंग कर रहा है।

02 / IMEI से छेड़छाड़ और SIM किराये पर देना

दूरसंचार विभाग ने 31 अगस्त 2026 को नई चेतावनी जारी की और 23 सितंबर 2026 को PIB फैक्टशीट आई। दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत:

  • धारा 42(3)(c) 15 अंकों वाले IMEI जैसे टेलीकॉम पहचानकर्ताओं (आइडेंटिफ़ायर) से छेड़छाड़ पर रोक लगाती है। धारा 42(3)(e) धोखाधड़ी, छल या किसी और की पहचान अपनाकर SIM हासिल करने पर रोक लगाती है।
  • सज़ा है तीन साल तक की जेल, ₹50 लाख तक का जुर्माना, या दोनों। धारा 42(7) के तहत ये अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं, और धारा 42(6) के तहत इनमें मदद करने या उकसाने वालों को भी यही सज़ा हो सकती है।
  • दूरसंचार विभाग चेतावनी देता है कि जो लोग अपने नाम पर SIM लेकर उन्हें फ्रॉड के लिए उधार देते हैं, किराये पर देते हैं या "म्यूल" की तरह इस्तेमाल होने देते हैं, वे खुद कानूनी रूप से ज़िम्मेदार ठहराए जा सकते हैं।
  • निर्माताओं और आयातकों को पहली बिक्री या आयात से पहले हर IMEI को Device Setu (ICDR) पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा। पुराने फोन का कारोबार करने वाले डीलरों को छेड़छाड़ वाले और ब्लैकलिस्ट किए गए IMEI के राष्ट्रीय डेटाबेस में जांच करनी होगी।

आम यूज़र्स के लिए संदेश साफ है: आपके नाम का SIM आपकी ज़िम्मेदारी है, भले ही उसे कोई और इस्तेमाल कर रहा हो।

03 / आंकड़ों में संचार साथी

24 जुलाई 2026 को MediaNama द्वारा रिपोर्ट किए गए राज्यसभा के एक जवाब के मुताबिक:

  • दूरसंचार विभाग के AI टूल ASTR ने जिन कनेक्शनों को संदिग्ध पाया, उनसे दोबारा वेरिफिकेशन करवाने को कहा गया। इसमें नाकाम रहे 88 लाख से ज़्यादा कनेक्शन काट दिए गए।
  • 15 जुलाई 2026 तक नागरिकों की 11.18 लाख Chakshu शिकायतों के आधार पर 50.90 लाख कनेक्शन काटे गए। दूरसंचार विभाग का कहना है कि वह अकेली शिकायतों पर नहीं, बल्कि कई शिकायतों में दिखने वाले पैटर्न पर कार्रवाई करता है।
  • दूरसंचार विभाग का Digital Intelligence Platform, I4C और SEBI के साथ डेटा साझा करता है।

इसके अलावा, गृह मंत्रालय (MHA) के मुताबिक 30 जून 2026 तक पुलिस द्वारा रिपोर्ट किए गए 15.75 लाख से ज़्यादा SIM और 5.77 लाख IMEI ब्लॉक किए जा चुके थे।

04 / पुष्टि बनाम दावा

पुष्टि हो चुकी है: SIM बाइंडिंग निर्देशों का टेक्स्ट, कानूनी प्रावधान और सज़ाएं, और मंत्री का यह बयान कि लॉगआउट जोखिम के आधार पर होगा। रिपोर्ट हुआ है, लेकिन आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं: दूरसंचार विभाग ने 31 दिसंबर 2026 तक समय-सीमा बढ़ाने का कोई सार्वजनिक नोटिस जारी नहीं किया है; यह जानकारी PTI के आधिकारिक सूत्रों से आई है। विवादित: Broadband India Forum, जिसके सदस्यों में Meta और Google शामिल हैं, ने फरवरी 2026 के एक पत्र में तर्क दिया कि SIM बाइंडिंग के नियम मूल अधिनियम के दायरे से आगे जाते हैं। समय-सीमा के बाद ऐप्स मल्टी-डिवाइस इस्तेमाल, परिवार के फोन और सिर्फ Wi-Fi वाले टैबलेट को कैसे संभालेंगे, यह अभी साफ नहीं है।

05 / अभी क्या करें

  • Sancharsaathi.gov.in पर (Know Your Mobile Connections) अपने नाम पर रजिस्टर्ड मोबाइल कनेक्शन जांचें और जिसे आप नहीं पहचानते, उसकी शिकायत करें।
  • अपने नाम का SIM कभी किसी को न सौंपें, न बेचें, न किराये पर दें।
  • फोन खरीदने से पहले *#06# डायल करके उसका IMEI देखें। इसे संचार साथी पर जांचें, या KYM के बाद IMEI लिखकर 14422 पर SMS भेजें।
  • फ्रॉड कॉल और मैसेज, WhatsApp वाले भी, Chakshu पर रिपोर्ट करें। अगर आपके पैसे गए हैं, तो 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
  • अगर फोन खो गया है या चोरी हो गया है, तो पुलिस रिपोर्ट दर्ज करें, डुप्लिकेट SIM लें, फिर संचार साथी पर CEIR के ज़रिए हैंडसेट ब्लॉक करें। OTP नया SIM चालू होने के 24 घंटे बाद ही काम करता है।
  • उम्मीद रखें कि 2026 खत्म होने से पहले WhatsApp और दूसरे ऐप्स आपसे SIM वेरिफाई करने को कहेंगे। अपने रजिस्टर्ड नंबर वाला SIM उसी फोन में रखें जिसे आप इस्तेमाल करते हैं।

स्रोत सूची / 2026-0929-SB

और रिपोर्ट