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पैसे गए? अभी क्या करें

तीन छोटे सवालों के जवाब दें और सही क्रम में अपनी चेकलिस्ट पाएं: सबसे पहले किसे कॉल करें, बैंक को क्या बताएं, क्या संभालकर रखें और किसकी बात न सुनें।

खाते से अब भी पैसे जा रहे हैं? सवालों का इंतज़ार न करें: अभी 1930 पर कॉल करें।

ऑनलाइन फ्रॉड में पैसे गए: आपकी चेकलिस्ट · cybershitty.com/hi/help/lost-money-what-to-do-now · जांचा गया 1 अक्टूबर 2026

पूरी चेकलिस्ट

अगर पैसे जा चुके हैं, तो पहले तीन कदमों से शुरू करें। अगर आपने सिर्फ़ OTP, PIN, पासवर्ड या स्क्रीन का एक्सेस दिया है और अभी पैसे नहीं गए, तो उनके बाद वाले तीन कदमों से शुरू करें। फिर वे कदम उठाएं जो आपके हालात के लिए लिखे हैं।

ये तीन काम अभी करें

किसके लिए: अगर पैसे जा चुके हैं

  1. अभी 1930 पर कॉल करें

    1930 पर कॉल करें

    1930 राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन है। इस कॉल से आपकी शिकायत उस सिस्टम में पहुंचती है जो पुलिस को बैंकों और पेमेंट कंपनियों से जोड़ता है, ताकि ठग के खाते में पड़ा पैसा आगे भेजे जाने से पहले रोका जा सके।

    ये तैयार रखें: किस बैंक या वॉलेट से पैसा गया, आपका खाता नंबर या UPI ID, हर पेमेंट का ट्रांज़ैक्शन ID और तारीख, और अगर कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ तो कार्ड नंबर। SMS या ईमेल से जो एक्नॉलेजमेंट नंबर मिले, उसे लिख लें। यह शिकायत नंबर है, FIR नंबर नहीं।

    पिछला एक घंटा: आप अभी पहले घंटे के अंदर हैं। पहले शिकायत करें, छानबीन बाद में: आप जितना इंतज़ार करते हैं, पैसे को आगे खिसकने का उतना ही वक्त मिलता है।

    3 दिन से ज़्यादा पहले: कई दिन बीत गए? फिर भी कॉल करें। एक तय पुलिस अधिकारी शिकायत की जांच करके उसे संबंधित बैंकों और पेमेंट कंपनियों तक पहुंचाता है, ताकि जहां पैसा अब भी मौजूद हो, वहां रोका जा सके।

  2. बैंक या कार्ड कंपनी को उसके आधिकारिक नंबर पर बताएं

    अपना कार्ड, UPI और नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं और ट्रांज़ैक्शन को फ्रॉड बताकर रिपोर्ट करें। शिकायत का रेफ़रेंस नंबर लें और तारीख-समय नोट करें।

    सिर्फ़ बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप, अपने स्टेटमेंट या कार्ड के पीछे लिखा नंबर इस्तेमाल करें। ठग सर्च रिज़ल्ट और सोशल मीडिया पर नकली 'कस्टमर केयर' नंबर डालते हैं।

    UPI: बैंक से UPI ब्लॉक करने और हर ट्रांज़ैक्शन के लिए फ्रॉड डिस्प्यूट दर्ज करने को कहें।

    कार्ड: कार्ड के पीछे लिखे नंबर पर या बैंक के आधिकारिक ऐप से कार्ड ब्लॉक करवाएं।

    नेट बैंकिंग या ट्रांसफ़र: नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं और हर ट्रांसफ़र की तारीख, रकम और रेफ़रेंस नंबर (UTR) के साथ शिकायत करें।

    वॉलेट: वॉलेट कंपनी को भी उसके आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से बताएं।

    Crypto या ट्रेडिंग ऐप: अगर आपने UPI या बैंक ट्रांसफ़र से रुपये भेजे हैं, तो अपने बैंक को भी फ़ौरन बताएं। अगर प्लेटफ़ॉर्म रजिस्टर्ड exchange है, तो उसके आधिकारिक ऐप के ज़रिए सपोर्ट को उस अकाउंट और लेनदेन की शिकायत भी करें।

  3. cybercrime.gov.in पर शिकायत पूरी करें

    cybercrime.gov.in खोलें, Register a Complaint चुनें और फिर Financial Fraud चुनें। अगर आप 1930 पर कॉल कर चुके हैं, तो नई शिकायत शुरू करने की बजाय मिली हुई ID से वही शिकायत पूरी करें। ठग के फ़ोन नंबर, UPI ID, खाते और लिंक लिखें, सबूत अपलोड करें, सबमिट करें और PDF कॉपी डाउनलोड कर लें।

    Crypto या ट्रेडिंग ऐप: पोर्टल जिन शिकायतों को लेता है, उनमें 'cryptocurrency crimes' भी शामिल है।

    3 दिन से ज़्यादा पहले: देर से शिकायत कर रहे हैं? ब्योरे में वजह भी लिखें।

अभी तक पैसे नहीं गए: ये तीन काम तुरंत करें

किसके लिए: अभी पैसे नहीं गए

  1. अभी अपने बैंक को उसके आधिकारिक नंबर पर कॉल करें

    पैसे जाने से पहले ही अपना कार्ड, UPI और नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं, और शिकायत का रेफ़रेंस नंबर व तारीख-समय नोट करें। सिर्फ़ बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप, अपने स्टेटमेंट या कार्ड के पीछे लिखा नंबर इस्तेमाल करें। ठग सर्च रिज़ल्ट और सोशल मीडिया पर नकली 'कस्टमर केयर' नंबर डालते हैं।

    देर न करें: RBI के नियमों के तहत, अगर आपने PIN या OTP बताया था, तो बैंक को रिपोर्ट करने तक का नुकसान आपका होता है। 31 दिसंबर 2026 तक के ट्रांज़ैक्शन पर यह 2017 का नियम है, और 1 जनवरी 2027 से लागू नए नियमों में भी यही शुरुआती नियम है।

  2. उनके कहने पर डाला गया ऐप हटाएं, और PIN बदलें

    किसी के कहने पर इंस्टॉल किया गया हर ऐप, जैसे स्क्रीन-शेयरिंग ऐप, अनइंस्टॉल करें: RBI चेतावनी देता है कि ऐसे ऐप ठगों को आपके पूरे डेटा तक पहुंच दे सकते हैं। किसी दूसरे, भरोसेमंद डिवाइस से अपना UPI PIN और बैंकिंग पासवर्ड बदलें।

    1 से 3 दिन पहले, 3 दिन से ज़्यादा पहले: जानकारी कई दिन पहले दी थी? अभी अपना बैंक स्टेटमेंट और ऐप देखें कि कोई ऐसा डेबिट तो नहीं हुआ जो आपने नहीं किया।

  3. अगर खाते से कोई भी पैसा जाए, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें

    1930 पर कॉल करें

    1930 साइबर फ्रॉड में गए पैसे की राष्ट्रीय हेल्पलाइन है। हर डेबिट का ट्रांज़ैक्शन ID, तारीख और रकम लेकर कॉल करें, फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत पूरी करें।

    तब तक, अगर ठगी पिछले 30 दिनों में किसी कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज से शुरू हुई थी, तो उसकी शिकायत संचार साथी पोर्टल के चक्षु पर करें। चक्षु उन कोशिशों के लिए है जिनमें पैसे नहीं गए, और यह हर रिपोर्ट पर अलग से अपडेट नहीं भेजता। अगर आपका कोई अकाउंट हैक हो गया है, तो cybercrime.gov.in पर Other Cyber Crime में भी शिकायत कर सकते हैं।

वे अब भी संपर्क कर रहे हैं: यहीं रोकें

किसके लिए: अब भी संपर्क में

  1. पहले सबका स्क्रीनशॉट लें, फिर जवाब देना बंद करें और ब्लॉक करें

    चैट, कॉल लॉग, नंबर, UPI ID और लिंक पहले सेव करें, और कुछ भी डिलीट न करें। फिर जवाब देना बंद करें और भेजने वाले को ब्लॉक करें। उनके दिए लिंक न खोलें और उनके दिए नंबर पर वापस कॉल न करें।

  2. उन्हें कोई पैसा न दें

    'टैक्स', withdrawal फ़ीस, 'सेटलमेंट' या एक और deposit, सब उन्हीं लोगों को एक और पेमेंट है। इस बात की कोई गारंटी नहीं कि पैसे देने से मांगें बंद हो जाएंगी।

  3. किसके लिए: अगर पैसे जा चुके हैं

    फ़ीस लेकर कोई भी आपका पैसा वापस नहीं दिला सकता

    ठगी के शिकार लोगों को दोबारा निशाना बनाया जाता है: कोई खुद को वकील, "एथिकल हैकर", पुलिस या सरकारी रिकवरी एजेंट बताता है। कोई सरकारी संस्था शिकायत के पैसे नहीं लेती, और 1930 की शिकायत पैसे देकर तेज़ नहीं करवाई जा सकती। होल्ड हुआ पैसा सिर्फ़ पुलिस नोटिस या कोर्ट के आदेश से छूटता है, किसी प्राइवेट एजेंसी से कभी नहीं। फ़ोन काटें, और रिकवरी की हर पेशकश की शिकायत 1930 पर करें।

  4. अगर वे धमकी दे रहे हैं

    धमकी मिल रही हो, या आपको या आपके कॉन्टैक्ट्स को एडिट या मॉर्फ की गई तस्वीरें भेजी जा रही हों, तो अपने स्क्रीनशॉट लेकर नज़दीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल जाएं और FIR दर्ज करने को कहें। अभी हो रहे अपराध के लिए 112 पर कॉल करें। भारत की कोई भी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पूछताछ करती है।

    अगर इसका असर आपकी नींद, काम या सुरक्षा पर पड़ रहा है, तो Tele-MANAS को 14416 पर कॉल करें। यह स्वास्थ्य मंत्रालय की मुफ़्त, 24x7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन है।

फिर, आपके हालात के हिसाब से

  1. किसके लिए: UPI

    अपना UPI सुरक्षित करें

    अगर किसी कॉल करने वाले के कहने पर आपने कोई ऐप इंस्टॉल किया था, जैसे स्क्रीन-शेयरिंग ऐप, तो उसे अनइंस्टॉल करें: RBI चेतावनी देता है कि ऐसे ऐप ठगों को आपके पूरे डेटा तक पहुंच दे सकते हैं। फिर किसी दूसरे, भरोसेमंद डिवाइस से अपना UPI PIN और बैंकिंग पासवर्ड बदलें।

    आगे के लिए याद रखें: पैसे पाने के लिए कभी UPI PIN डालने या QR कोड स्कैन करने की ज़रूरत नहीं होती।

  2. किसके लिए: कार्ड

    कार्ड के हर उस ट्रांज़ैक्शन की लिस्ट बनाएं जो आपने नहीं किया

    कार्ड का स्टेटमेंट या ऐप देखें और हर वह ट्रांज़ैक्शन लिख लें जो आपने नहीं किया, उसकी तारीख, रकम और रेफ़रेंस के साथ। नीचे वाली लिखित शिकायत में इनकी ज़रूरत पड़ेगी।

  3. किसके लिए: नेट बैंकिंग या ट्रांसफ़र

    अपनी नेट बैंकिंग सुरक्षित करें

    अगर किसी कॉल करने वाले के कहने पर आपने कोई ऐप इंस्टॉल किया था, तो उसे अनइंस्टॉल करें। किसी दूसरे, भरोसेमंद डिवाइस से अपना नेट बैंकिंग पासवर्ड और UPI PIN बदलें। हर ट्रांसफ़र का रेफ़रेंस नंबर (UTR) और जिस खाते में पैसा गया, वह संभालकर रखें।

  4. किसके लिए: वॉलेट

    वॉलेट कंपनी से लिखित में शिकायत करें

    पहले वॉलेट कंपनी से लिखित में शिकायत करें, हर ट्रांज़ैक्शन लिखें और रेफ़रेंस नंबर संभालकर रखें। अगर वह 30 दिनों में जवाब न दे (या उस तरह के मामले के लिए RBI, NPCI या कार्ड नेटवर्क की तय लंबी समय-सीमा में), या आप उसके जवाब से संतुष्ट न हों, तो cms.rbi.org.in पर RBI ओम्बड्समैन के पास जा सकते हैं, जो प्रीपेड वॉलेट के खिलाफ़ शिकायतें भी लेता है। इसके बाद शिकायत करने के लिए आपके पास 90 दिन होते हैं। यह मुफ़्त है।

  5. किसके लिए: Crypto या ट्रेडिंग ऐप

    पैसे देना बंद करें, और पैसे का पूरा रिकॉर्ड संभालें

    withdrawal के लिए "टैक्स", "फ़ीस" या "अनलॉक चार्ज" और पैसे की मांग है, आपका पैसा वापस पाने का तरीका नहीं। ट्रांज़ैक्शन हैश, wallet एड्रेस, ऐप या वेबसाइट का पता, जिस-जिस UPI ID और खाते में पैसे भेजे, और चैट व बैलेंस के स्क्रीनशॉट संभालकर रखें।

    SEBI का शिकायत सिस्टम SCORES बिना रजिस्ट्रेशन या बिना रेगुलेशन वाली गतिविधि की शिकायत नहीं लेता, इसलिए नकली ट्रेडिंग ग्रुप या ऐप का मामला 1930 और पुलिस का है।

  6. किसके लिए: कुछ और

    ठीक-ठीक बताएं कि क्या हुआ

    शिकायत में सबसे सही सब-कैटेगरी चुनें, फिर बताएं कि लगभग कब हुआ, कहां, और क्या कहा या किया गया। ठग के बारे में जो पता हो वह लिखें: फ़ोन नंबर, UPI ID, खाता नंबर, प्रोफ़ाइल लिंक, वेबसाइट।

  7. किसके लिए: अगर पैसे बैंक खाते या कार्ड से गए हैं

    बैंक को लिखित शिकायत भेजें

    बैंक को ईमेल या चिट्ठी भेजें, जिसमें हर ट्रांज़ैक्शन की तारीख, रकम और रेफ़रेंस हो, और शिकायत नंबर संभालकर रखें। यह शिकायत ज़रूर करें, चाहे आपको लगे कि पेमेंट आपकी अनुमति से हुआ माना जाएगा या नहीं। RBI के 2017 के नियम उन ट्रांज़ैक्शन पर लागू हैं जिनकी आपने अनुमति नहीं दी; 1 जनवरी 2027 से नए नियम उन पेमेंट पर भी लागू होंगे जो आपसे धोखे से ली गई जानकारी से किए गए, या जिन्हें आपने दबाव या धमकी में मंज़ूर किया। आप कितनी जल्दी बताते हैं, इसी से तय होता है कि नुकसान का कितना हिस्सा आपको उठाना पड़ सकता है, और नियम ट्रांज़ैक्शन की तारीख पर निर्भर है:

    • 31 दिसंबर 2026 तक के ट्रांज़ैक्शन (RBI के 2017 के नियम): अगर गलती बैंक की थी, तो आपकी कोई देनदारी नहीं। अगर किसी तीसरे ने किया, न आपकी गलती थी न बैंक की, और आपने बैंक का अलर्ट मिलने के 3 कामकाजी दिनों में बता दिया, तब भी आपकी देनदारी शून्य है। 4 से 7 कामकाजी दिनों में बताने पर नुकसान खाते के हिसाब से ₹5,000 से ₹25,000 के बीच सीमित रहता है, या ट्रांज़ैक्शन की रकम, जो भी कम हो। उसके बाद बैंक की अपनी नीति लागू होती है।
    • 1 जनवरी 2027 से होने वाले ट्रांज़ैक्शन (RBI के नए नियम): अगर गलती बैंक की थी, या किसी तीसरे ने किया और आपने ट्रांज़ैक्शन के 5 कैलेंडर दिनों के अंदर बता दिया, तो आपकी देनदारी शून्य है। शनिवार-रविवार और छुट्टियां भी गिनी जाती हैं। अगर आपसे धोखे से जानकारी ली गई और ₹50,000 तक का नुकसान हुआ, तो आप जीवन में एक बार शुद्ध नुकसान का 85% (अधिकतम ₹25,000) मुआवज़ा मांग सकते हैं। यह नए नियमों के पहले साल में हुए फ्रॉड पर लागू है, बैंक को नुकसान सही मानना होगा, और आपने 5 कैलेंडर दिनों में बैंक को और 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की हो।

    आपकी देनदारी साबित करने की ज़िम्मेदारी बैंक की है; आपको यह साबित नहीं करना कि आपकी गलती नहीं थी।

    Crypto या ट्रेडिंग ऐप: Crypto या ट्रेडिंग ऐप: यह शिकायत उन रुपयों के लिए है जो आपने UPI या बैंक ट्रांसफ़र से भेजे।

    पिछला एक घंटा, आज ही: आज भेजी गई शिकायत दोनों में से किसी भी नियम के तहत समय-सीमा के अंदर है।

    1 से 3 दिन पहले: शिकायत आज ही भेजें। 31 दिसंबर 2026 तक के ट्रांज़ैक्शन में 3 कामकाजी दिन बैंक का अलर्ट मिलने के बाद से गिने जाते हैं, आपकी होम ब्रांच के शेड्यूल से, और अलर्ट वाला दिन नहीं गिना जाता। 1 जनवरी 2027 से 5 कैलेंडर दिन ट्रांज़ैक्शन की तारीख से गिने जाते हैं।

    3 दिन से ज़्यादा पहले: फिर भी अभी भेजें। तब आपको कितना नुकसान उठाना पड़ सकता है, यह इस पर निर्भर है कि कितने कामकाजी दिन बीत चुके हैं (31 दिसंबर 2026 तक के ट्रांज़ैक्शन), या 5 कैलेंडर दिन बीतने के बाद बैंक की अपनी नीति पर (1 जनवरी 2027 से होने वाले ट्रांज़ैक्शन)।

    कार्ड: 1 जनवरी 2027 से क्रेडिट कार्ड फ्रॉड: बैंक को आपकी शिकायत के 5 कैलेंडर दिनों के अंदर विवादित रकम आपके कार्ड पर वापस डालनी होगी।

ये सबूत संभालकर रखें

  • अगर पैसे जा चुके हैं: हर डेबिट का ट्रांज़ैक्शन ID या UTR, तारीख, समय और रकम, अपने UPI ऐप, बैंक SMS या स्टेटमेंट से
  • आपका बैंक, खाता नंबर या UPI ID, और उससे जुड़ा फ़ोन नंबर
  • UPI, नेट बैंकिंग या ट्रांसफ़र, वॉलेट, Crypto या ट्रेडिंग ऐप, कुछ और: वह UPI ID, खाता या QR कोड जिसमें पैसा गया
  • कार्ड: जिस कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ, उसका नंबर
  • Crypto या ट्रेडिंग ऐप: ट्रांज़ैक्शन हैश, wallet एड्रेस, और ऐप या वेबसाइट का पता
  • ठग के फ़ोन नंबर, लिंक, ऐप के नाम और प्रोफ़ाइल के नाम
  • पेमेंट, चैट, कॉल करने वाले के नंबर और वेबसाइट या ऐप के स्क्रीनशॉट। चैट या कॉल लॉग डिलीट न करें।
  • बैंक स्टेटमेंट, ईमेल और रसीदें
  • अगर पैसे जा चुके हैं: 1930 या cybercrime.gov.in का एक्नॉलेजमेंट नंबर, और बैंक या वॉलेट कंपनी की शिकायत का रेफ़रेंस। 1 जनवरी 2027 से होने वाले ट्रांज़ैक्शन में मुआवज़े का दावा करने के लिए एक्नॉलेजमेंट की ज़रूरत होगी।
  • अभी पैसे नहीं गए: बैंक की शिकायत का रेफ़रेंस नंबर, और आपने किस तारीख और समय पर बताया

अगले कुछ दिनों में

  1. किसके लिए: अगर पैसे जा चुके हैं

    अपनी शिकायत ट्रैक करें

    cybercrime.gov.in पर एक्नॉलेजमेंट नंबर के साथ Track your Complaint इस्तेमाल करें। राज्य पुलिस SMS और ईमेल से अपडेट भेजती है। अगर आप कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं, तो हर राज्य में एक नोडल और शिकायत अधिकारी है।

  2. किसके लिए: अगर पैसे जा चुके हैं

    FIR या e-FIR दर्ज करवाएं

    एक्नॉलेजमेंट नंबर शिकायत का रेफ़रेंस है, FIR नहीं। इसे लेकर स्थानीय साइबर सेल या पुलिस स्टेशन जाएं।

  3. किसके लिए: अगर पैसे जा चुके हैं

    अगर मैसेज आए कि पैसा होल्ड पर है

    होल्ड से पैसा आगे जाने से रुकता है, लौटता नहीं। होल्ड का मैसेज मिलते ही गृह मंत्रालय के Money Restoration Module (mrm-ncrp.mha.gov.in) पर 14 अंकों के एक्नॉलेजमेंट नंबर से आवेदन करें, या कोर्ट के ज़रिए। अगर एक खाते में ₹50,000 से ज़्यादा होल्ड है, तो FIR की कॉपी चाहिए।

  4. किसके लिए: अगर पैसे बैंक खाते या कार्ड से गए हैं

    अगर बैंक मामला न सुलझाए

    31 दिसंबर 2026 तक के ट्रांज़ैक्शन में बैंक को आपकी शिकायत के 10 कामकाजी दिनों में विवादित रकम खाते में डालनी होती है और 90 दिनों में शिकायत निपटानी होती है। 1 जनवरी 2027 से होने वाले ट्रांज़ैक्शन में उसे 45 दिनों में (विदेशी ट्रांज़ैक्शन में 60 दिन) शिकायत निपटानी होगी।

    अगर बैंक 30 दिनों में जवाब न दे (या उस तरह के मामले के लिए RBI, NPCI या कार्ड नेटवर्क की तय लंबी समय-सीमा में), या आप उसके फ़ैसले से सहमत न हों, तो cms.rbi.org.in पर RBI ओम्बड्समैन के पास जाएं। इसके बाद शिकायत करने के लिए आपके पास 90 दिन होते हैं। यह मुफ़्त है, और किसी एजेंट की ज़रूरत नहीं।

  5. किसके लिए: अगर पैसे जा चुके हैं, और अब कोई संपर्क में नहीं है

    बाद में कोई पैसा वापस दिलाने की बात करे, तो यह स्कैम है

    ठगी के शिकार लोगों से अक्सर दोबारा संपर्क किया जाता है: नकली वकील, "एथिकल हैकर", पुलिस या रिकवरी एजेंट बनकर फ़ीस मांगी जाती है। कोई सरकारी संस्था शिकायत के पैसे नहीं लेती, और 1930 की शिकायत पैसे देकर तेज़ नहीं करवाई जा सकती।

अगर पैसे जा चुके हैं: हकीकत समझें। कोई भी पैसा वापस आने की गारंटी नहीं दे सकता: यह इस पर निर्भर है कि रिपोर्ट कितनी जल्दी बैंक तक पहुंची और पैसा कहां गया। रफ़्तार ही एक चीज़ है जो आपके हाथ में है। पैसा वापसी के असली रास्ते और संभावना।

मामला कुछ और है? अगर किसी और की शिकायत के बाद आपका अपना बैंक खाता फ्रीज़ हो गया है, तो फ्रीज़ खाते की गाइड पढ़ें। अगर कोई लोन ऐप आपको या आपके कॉन्टैक्ट्स को परेशान कर रहा है, तो लोन ऐप वाली गाइड पढ़ें।

ये कदम कहां से लिए गए हैं

हर कदम हमारी किसी स्रोत-आधारित गाइड से लिया गया है और उसका लिंक साथ में है। इस चेकलिस्ट के पीछे ये पेज हैं:

मुख्य सरकारी स्रोत