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गाइड

लोन ऐप परेशान कर रहा है? पहले लेंडर कैसे जांचें, और भारत में शिकायत कहां करें

6 मिनट में पढ़ेंलेखक: Vivek Kumar
प्रतीकात्मक चित्र, जिस पर अंग्रेज़ी में लिखा है: LOAN APP HARASSMENT

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।

उधार लेने से पहले हर लोन ऐप को RBI की डायरेक्टरी में जांचें। अगर रिकवरी एजेंट आपको या आपके कॉन्टैक्ट्स को धमका रहे हैं, तो अनजान UPI ID पर पैसे न भेजें। सबूत संभालकर रखें और 1930, cybercrime.gov.in, Sachet और पुलिस में शिकायत करें।

01 / उधार लेने से पहले: ऐप को RBI की लिस्ट में जांचें

कई लोन ऐप किसी बैंक या NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) से जुड़े होने का दावा करते हैं, जबकि ऐसा होता नहीं। जुलाई 2026 में राज्यसभा में वित्त मंत्रालय के जवाब के मुताबिक, 1 जुलाई 2025 से RBI डिजिटल लेंडिंग ऐप्स (DLA) की एक सार्वजनिक डायरेक्टरी चला रहा है, ताकि आप इस दावे को जांच सकें। rbi.org.in खोलें और "DLA's deployed by Regulated Entities" नाम वाले लिंक पर जाएं।

RBI के नियमों के तहत, लेंडर को अपने हर ऐप के लिए यह जानकारी देनी होती है:

  • ऐप का नाम और मालिक: खुद लेंडर, या उसे चलाने वाला लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (LSP)।
  • ऐप किस ऐप स्टोर पर है, और उसका सीधा लिंक।
  • शिकायत निवारण अधिकारी (grievance redressal officer) का नाम, ईमेल और फोन नंबर।
  • लेंडर की अपनी वेबसाइट।

ऐप का सही नाम, डेवलपर और स्टोर लिंक मिलाएं। अगर ऐप लिस्ट में नहीं है, या ऐप के अंदर जिस लेंडर का नाम है वह डायरेक्टरी वाला लेंडर नहीं है, तो उधार न लें। RBI कहता है कि यह लिस्ट लेंडरों की दी गई जानकारी से बनती है, इसमें RBI का दखल नहीं होता। लिस्ट में होने का मतलब सिर्फ इतना है कि लेंडर ने ऐप की जानकारी दी है; इससे लोन फायदे का सौदा नहीं बन जाता।

अगर ऐप के पीछे किसी रेगुलेटेड लेंडर का नाम नहीं मिलता, तो नियमों के लिए जवाबदेह भी कोई नहीं है।

02 / असली डिजिटल लोन में आपको क्या मिलना चाहिए

RBI के 8 मई 2025 के Digital Lending Directions बैंकों, को-ऑपरेटिव बैंकों, NBFC और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों पर लागू होते हैं। इनमें दूसरी बातों के साथ ये ज़रूरी हैं:

  • Key Fact Statement (KFS), जिसमें लोन की लागत लिखी हो, जिसमें सालाना प्रतिशत दर (APR) भी शामिल है, यानी सब मिलाकर सालाना लागत।
  • पैसे का सीधा लेन-देन। लोन आपके अपने बैंक खाते में आता है और आप सीधे लेंडर के खाते में चुकाते हैं, कभी भी किसी ऐप कंपनी या तीसरे व्यक्ति के खाते से होकर नहीं। ऐप कंपनी की फीस लेंडर चुकाता है, आप नहीं।
  • कूलिंग-ऑफ पीरियड कम से कम एक दिन का। इस दौरान आप मूल रकम और उसके अनुपात में APR चुकाकर बिना पेनल्टी लोन से बाहर निकल सकते हैं।
  • फोन तक सीमित पहुंच। ऐप आपकी फाइलें और मीडिया, कॉन्टैक्ट लिस्ट या कॉल लॉग नहीं देख सकते। कैमरा, माइक्रोफोन या लोकेशन की एक बार की पहुंच सिर्फ KYC के लिए, आपकी सहमति से, दी जा सकती है।
  • रिकवरी एजेंट का नाम पहले बताना। अगर आप डिफॉल्ट करते हैं, तो रिकवरी एजेंट के आपसे संपर्क करने से पहले ईमेल या SMS से आपको बताया जाना चाहिए कि वह कौन है।

03 / गैरकानूनी लोन ऐप के संकेत

  • वह आपके कॉन्टैक्ट्स, फोटो गैलरी या SMS की अनुमति मांगता है। रेगुलेटेड लेंडर के ऐप को आपके कॉन्टैक्ट्स या फाइलें पढ़ने की इजाज़त नहीं है।
  • आपको छोटी रकम ऑफर की जाती है, लेकिन "प्रोसेसिंग" कटौती के बाद मंज़ूर रकम से काफी कम पैसा आपके खाते में आता है, या फीस KFS में साफ नहीं बताई जाती।
  • आपसे महीनों के बजाय कुछ ही दिनों में चुकाने को कहा जाता है, और लागत का हिसाब आप खुद नहीं लगा पाते।
  • किसी बैंक या NBFC का नाम नहीं दिया जाता, या बताए गए लेंडर की डायरेक्टरी एंट्री में कोई दूसरा ऐप लिखा है।
  • चुकाने का पैसा लेंडर के बजाय किसी निजी UPI ID या किसी और के खाते में जाता है।

दिसंबर 2020 में RBI ने ऐसे अनधिकृत ऐप्स को लेकर चेतावनी दी थी जो बहुत ज़्यादा ब्याज और छिपी फीस वसूलते हैं, रिकवरी के लिए सख्त और मनमाने तरीके अपनाते हैं और उधार लेने वालों के फोन डेटा का गलत इस्तेमाल करते हैं। RBI ने लोगों से कहा था कि बिना जांचे ऐप्स के साथ KYC दस्तावेज़ कभी शेयर न करें।

04 / अगर रिकवरी एजेंट परेशान कर रहे हैं

  • अनजान UPI ID या खातों में "सेटलमेंट" का पैसा न भेजें। इस बात की कोई गारंटी नहीं कि पैसे देने से मांगें बंद हो जाएंगी।
  • सबसे पहले सबूत संभालें। धमकियों, कॉल लॉग, इस्तेमाल हुई UPI ID और फोन नंबरों, ऐप के स्टोर पेज, और अपने लोन व भुगतान रिकॉर्ड के स्क्रीनशॉट लें। चैट डिलीट न करें।
  • अनुमति हटाएं और ऐप हटाएं। फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप से कॉन्टैक्ट्स, फोटो और SMS की अनुमति वापस लें, फिर उसे अनइंस्टॉल करें।
  • अपने कॉन्टैक्ट्स को सावधान करें। परिवार और साथ काम करने वालों को बताएं कि जो भी उनसे लोन के बारे में संपर्क करे या एडिट की हुई तस्वीरें भेजे, वह स्कैम कर रहा है, और उनसे कहें कि जवाब न दें और पैसे न भेजें।
  • धमकी या मॉर्फ की गई तस्वीरें: अपने स्क्रीनशॉट लेकर नज़दीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल जाएं और FIR दर्ज करने को कहें।

05 / शिकायत कहां करें

  • 1930 और cybercrime.gov.in: गृह मंत्रालय की हेल्पलाइन और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर फर्जी या गैरकानूनी लोन ऐप्स की शिकायत की जा सकती है। अगर आपसे पैसे वसूले गए हैं तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। हमारी UPI फ्रॉड गाइड में बताया गया है कि कौन-सी जानकारी तैयार रखें।
  • Sachet (sachet.rbi.org.in): अनधिकृत संस्थाओं के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत के लिए RBI का पोर्टल। RBI ने लोगों से कहा है कि अनधिकृत लोन ऐप्स और उनसे जुड़े बैंक खातों की शिकायत यहीं करें।
  • Google Play: ऐप के पेज पर मेन्यू खोलें, "Flag as inappropriate" चुनें, कारण चुनें और सबमिट करें।
  • रेगुलेटेड लेंडर के खिलाफ: पहले लेंडर के शिकायत अधिकारी से शिकायत करें। अगर वह आपकी शिकायत खारिज कर दे, आप जवाब से संतुष्ट न हों, या 30 दिन में जवाब न आए, तो cms.rbi.org.in पर शिकायत करें या 14448 पर कॉल करें। 1 जुलाई 2026 से लागू Integrated Ombudsman Scheme, 2026 के तहत, इसके बाद शिकायत दर्ज करने के लिए आपके पास 90 दिन होते हैं।

06 / सरकार ने क्या किया है, और आपके लिए मदद

वित्त मंत्रालय ने 21 जुलाई 2026 को राज्यसभा को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत 87 गैरकानूनी लोन ऐप्स को ब्लॉक किया है। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) डिजिटल लोन ऐप्स का विश्लेषण कर रहा है, और 22 अक्टूबर 2025 को अधिसूचित IT नियमों के तहत अब सेक्टर के रेगुलेटर भी ब्लॉक करने के निर्देश जारी कर सकते हैं। किसी ऐप के ब्लॉक होने से, पहले से शुरू हो चुकी परेशानी अपने-आप बंद नहीं होती।

अगर इस परेशानी का असर आपकी नींद, काम या सुरक्षा पर पड़ रहा है, तो Tele-MANAS को 14416 (या 1-800-891-4416) पर कॉल करें। यह स्वास्थ्य मंत्रालय की मुफ्त, 24x7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन है, जो 20 भाषाओं में उपलब्ध है।

यह गाइड सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। किसी खास विवाद के लिए वकील से बात करें।

07 / आपकी चेकलिस्ट

  • उधार लेने से पहले RBI की DLA डायरेक्टरी में ऐप खोजें और लेंडर, डेवलपर व स्टोर लिंक मिलाएं।
  • Key Fact Statement ज़रूर मांगें, और सिर्फ लेंडर के अपने खाते में ही पैसा चुकाएं।
  • जो ऐप आपके कॉन्टैक्ट्स, गैलरी या SMS मांगे, उसे मना करें।
  • धमकी के दबाव में किसी अनजान UPI ID पर कभी अतिरिक्त पैसे न भेजें।
  • अनुमतियां हटाएं, ऐप अनइंस्टॉल करें और अपने कॉन्टैक्ट्स को सावधान करें।
  • 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, और धमकी या मॉर्फ की गई तस्वीरों के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।
  • ऐप की शिकायत Sachet और Google Play पर करें; रेगुलेटेड लेंडरों के खिलाफ शिकायत cms.rbi.org.in तक ले जाएं।
  • अगर आप मुश्किल में हैं, तो Tele-MANAS को 14416 पर कॉल करें।

स्रोत सूची / 2026-0929-GL

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