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गाइड

दिवाली से पहले नकली पटाखा वेबसाइटें: भारी छूट वाले विज्ञापन, पहले पेमेंट, और पटाखे कभी नहीं आते

प्रकाशित 4 मिनट में पढ़ेंलेखक: Vivek Kumar
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प्रतीकात्मक तस्वीर (Unsplash)। इसमें दिखाए गए लोग या संस्थाएं इस खबर से जुड़ी नहीं हैं।

हर साल दिवाली से पहले तमिलनाडु पुलिस सस्ते पटाखों वाले सोशल मीडिया विज्ञापनों से आगाह करती है, जो नकली दुकानों तक ले जाते हैं: आप पैसे देते हैं, पर कुछ नहीं आता। दिवाली 8 नवंबर को है। खतरे के संकेत, सुरक्षित खरीदारी का तरीका, और पैसे दे दिए तो क्या करें।

01 / छोटा जवाब

अगर Instagram, Facebook या YouTube पर कोई विज्ञापन भारी छूट पर पटाखे दे रहा है, और बेचने वाला कुछ भेजने से पहले पूरा पैसा UPI से मांग रहा है, तो इसे ठगी मानें। ऐसी लाइसेंस वाली दुकान से खरीदें जहां आप जा सकें, या ऐसे विक्रेता से जिसे आप पहले से जानते हों। पैसे दे चुके हैं तो अभी 1930 पर कॉल करें।

दिवाली रविवार, 8 नवंबर 2026 को है, इसलिए ज़्यादातर लोग अक्टूबर के दूसरे हिस्से में पटाखे मंगाते हैं। यही वह समय है जब ऐसे विज्ञापन सबसे ज़्यादा दिखते हैं।

02 / ठगी कैसे होती है

तमिलनाडु पुलिस की साइबर क्राइम विंग की चेतावनियों के आधार पर मीडिया ने यह रिपोर्ट किया है। दिवाली 2024 से पहले विंग ने बताया कि सिर्फ़ सितंबर और अक्टूबर में राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन पटाखा बिक्री की 17 शिकायतें आई थीं (DT Next, India Today, The Hans India और IANS, चारों ने यह आंकड़ा दिया)।

  • विज्ञापन। Instagram, YouTube और Facebook पर पोस्ट पटाखों या त्योहार के सामान पर भारी छूट दिखाते हैं।
  • बातचीत। जवाब देने वाले खरीदार को WhatsApp या फ़ोन कॉल पर ले जाया जाता है, फिर एक वेबसाइट का लिंक भेजा जाता है।
  • दुकान। वेबसाइट किसी असली विक्रेता के कैटलॉग जैसी दिखती है: सामान की सूची, दाम और पेमेंट के तरीके।
  • पेमेंट। आप पैसे देते हैं। पटाखे कभी नहीं आते, और बेचने वाला जवाब देना बंद कर देता है।

दीपावली 2023 से पहले भी पुलिस ने चेताया था कि पेमेंट होते ही फ़र्ज़ी फ़र्मों के फ़ोन नंबर बंद हो जाते थे (PTI, Outlook के ज़रिए)। अक्टूबर 2025 में नमक्कल ज़िला पुलिस ने कहा कि उन्हें कम दाम पर ऑनलाइन बिकने वाले पटाखों और मिठाइयों की कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें पैसा QR कोड, UPI ID या नेट बैंकिंग से लिया गया (The Hindu)। पुलिस ने जिन वेबसाइटों के नाम बताए थे, हम उन्हें नहीं दोहरा रहे: ऐसी साइटें हर सीज़न नाम बदल लेती हैं, इसलिए कोई भी सूची जल्दी पुरानी हो जाती है।

03 / खतरे के संकेत

  • दाम बाकी सब विक्रेताओं से बहुत कम हो, या 'ऑफ़र आज रात खत्म' जैसी जल्दबाज़ी हो।
  • विक्रेता आपको किसी विज्ञापन या फ़ॉरवर्ड मैसेज से मिला, पहले से जान-पहचान नहीं थी।
  • 'दुकान' पूरा पैसा पहले मांगे, किसी व्यक्ति के नाम वाली UPI ID या QR कोड पर, और पेमेंट का कोई दूसरा तरीका न दे।
  • कोई ऐसा पता न हो जिसे आप जांच सकें, या पता फ़ोन नंबर या दुकान के नाम से मेल न खाए।
  • वेबसाइट नई हो, या उस पर सिर्फ़ उसी साइट के अपने रिव्यू हों।
  • पैसे देने के बाद भेजने से पहले एक और पेमेंट मांगा जाए, जैसे 'कूरियर' या 'ट्रांसपोर्ट' चार्ज।

04 / पटाखे सुरक्षित तरीके से कैसे खरीदें

  • हो सके तो पास की दुकान से खरीदें। सीज़न में ज़्यादातर शहरों में लाइसेंस वाली दुकानें पटाखे बेचती हैं। विरुधुनगर ज़िले के एक पटाखा निर्माता ने 2024 में IANS से कहा कि असली पटाखे चाहने वाले लाइसेंस वाली दुकानों से खरीद सकते हैं।
  • पैसे देने से पहले विक्रेता को जांचें। पुलिस की सलाह है कि विक्रेता की साख और असली संपर्क जानकारी जांचें (नमक्कल पुलिस, 2025), और दाम जाने-माने विक्रेताओं से मिलाएं (तमिलनाडु साइबर क्राइम विंग, 2024)। नंबर पर कॉल करें। पता मैप पर देखें।
  • पूरा पैसा पहले न दें, खासकर किसी व्यक्ति की UPI ID या चैट में भेजे गए QR कोड पर।
  • कैश ऑन डिलीवरी भी पक्की गारंटी नहीं है। CERT-In के मुताबिक कुछ नकली ऑनलाइन दुकानें कैश ऑन डिलीवरी ऑर्डर लेती हैं और फिर नकली या विज्ञापन से अलग सामान भेज देती हैं। जहां कूरियर इजाज़त दे, पैसे देने से पहले पार्सल देख लें।
  • कार्ड की जानकारी, OTP या बैंक लॉगिन किसी विक्रेता को न दें, और 'पैसे पाने के लिए QR स्कैन करें' जैसी बात कभी न मानें। QR कोड स्कैन करने से पैसे जाते हैं, आते नहीं।

खरीदने से पहले अपने राज्य और शहर में पटाखे बेचने और चलाने के नियम देख लें। ये हर जगह अलग होते हैं।

05 / पैसे दिए और कुछ नहीं आया तो क्या करें

  • तुरंत 1930 पर कॉल करें, फिर अपने बैंक को उसके आधिकारिक नंबर पर (बैंक फ्रॉड हेल्पलाइन)। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसा पाने वाले खाते में उतना ही रुकवाया जा सकता है।
  • cybercrime.gov.in पर शिकायत पूरी करें और एक्नॉलेजमेंट नंबर संभालकर रखें। हमारी पैसे जाने पर चेकलिस्ट और UPI फ्रॉड गाइड पहले घंटे में क्या करें, यह बताती हैं।
  • सब संभालकर रखें: विज्ञापन के स्क्रीनशॉट, वेबसाइट का पता, WhatsApp चैट, विक्रेता के नंबर और UPI ID, और ट्रांज़ैक्शन ID। चैट डिलीट न करें।
  • जिस प्लेटफ़ॉर्म पर विज्ञापन देखा, वहां उसे रिपोर्ट करें, और विक्रेता का नंबर Chakshu (संचार साथी) पर रिपोर्ट करें।
  • अपने राज्य की साइबर पुलिस चाहिए? हर राज्य और UT की साइबर पुलिस के संपर्क देखें।

त्योहारी खरीदारी के दूसरे जाल के लिए हमारी फ़ेस्टिव सेल गाइड देखें, और स्कैम लैब में नकली दुकान वाले डेमो पर अभ्यास करें।

06 / स्रोत और सीमाएं

पुष्टि (सरकारी दस्तावेज़): दिवाली रविवार, 8 नवंबर 2026 (केंद्र सरकार की छुट्टियों की सूची, DoPT); नकली ऑनलाइन दुकानों और कैश ऑन डिलीवरी ठगी पर CERT-In की चेतावनी (एडवाइज़री CIAD-2024-0050)। रिपोर्ट (मीडिया): तमिलनाडु साइबर क्राइम विंग का 2024 का 17 शिकायतों वाला आंकड़ा और ठगी का तरीका (DT Next, India Today, The Hans India, IANS के ज़रिए Yes Punjab); 2023 की चेतावनी (PTI, Outlook के ज़रिए); 2025 की नमक्कल चेतावनी (The Hindu)। 5 अक्टूबर 2026 तक हमें पटाखा वेबसाइटों पर 2026 की कोई पुलिस चेतावनी नहीं मिली। चेतावनी आने पर हम यह गाइड अपडेट करेंगे।

स्रोत सूची / 2026-1005-FC

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