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गाइड

नवरात्रि गरबा: नकली पास, पुलिस की नज़र में 'किराये का पार्टनर' विज्ञापन, पहले पेमेंट वाले लिंक

प्रकाशित 8 मिनट में पढ़ेंलेखक: Vivek Kumar
प्रतीकात्मक चित्र, जिस पर अंग्रेज़ी में लिखा है: GARBA PASS SCAM

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।

नवरात्रि 11 से 20 अक्टूबर तक है। मुंबई पुलिस 2023 और 2024 में नकली गरबा पास बेचने वालों को गिरफ़्तार कर चुकी है, और अहमदाबाद साइबर क्राइम सेल ने 'rent a garba partner' विज्ञापनों से आगाह किया है। पास सुरक्षित तरीके से कैसे खरीदें, और पैसे दे दिए तो क्या करें।

01 / छोटा जवाब

शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू होकर मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) तक चलेगी। ठग भी इसी कैलेंडर के हिसाब से चलते हैं। तीन तरह के जाल से सावधान रहें: आयोजक के अलावा किसी और से मिलने वाले सस्ते पास, 'rent a garba partner' यानी किराये के गरबा पार्टनर वाले विज्ञापन, और ऐसे लिंक जो कुछ भी जांचने से पहले ही पेमेंट मांगते हैं।

पास आयोजक से खरीदें, किसी अनजान व्यक्ति की UPI ID पर पैसे भेजकर कभी नहीं।

पैसे दे चुके हैं या किसी लिंक पर क्लिक कर दिया? 1930 पर कॉल करें। किसी चैट या वीडियो कॉल के बाद धमकी मिल रही है? पैसे मत दीजिए, और हमारी सेक्सटॉर्शन गाइड देखिए। पूरे कदम हिस्सा 06 में हैं।

02 / नकली पास: मुंबई में पुलिस को क्या मिला

ये पुलिस के हवाले से छपी मीडिया रिपोर्ट हैं। ये आरोप हैं, अदालत के फ़ैसले नहीं।

  • अक्टूबर 2023, बोरीवली। नवरात्रि के नकली पास के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ़्तार किया। The Indian Express के मुताबिक नकली पास एक लोकप्रिय कार्यक्रम के थे; IANS के मुताबिक दो कार्यक्रमों के आयोजकों के साथ धोखा हुआ। Express के मुताबिक असली पास ₹3,000 से ₹3,800 के थे और नकली पास करीब ₹2,600 में बेचे गए। पुलिस ने 1,000 नकली पास ज़ब्त किए और कहा कि गिरोह की योजना करीब ₹30 लाख कमाने की थी। IANS ने इस रैकेट को ₹30 लाख से ज़्यादा का बताया और कहा कि कथित तौर पर 1,000 से ज़्यादा लोगों को ₹3,000 के नकली 'season pass' बेचे गए। दोनों रिपोर्ट आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए इन आंकड़ों को अनुमान ही मानें।
  • मामला कैसे खुला। कुछ खरीदार अपने पास की जांच करवाने आयोजक के अधिकृत स्टॉल पर ले गए। Express के मुताबिक पास नकली निकले।
  • अक्टूबर 2024, बोरीवली। The Times of India के मुताबिक एक और गरबा कार्यक्रम के नकली पास के मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ़्तार किया। पुलिस के मुताबिक कम से कम 600 नकली पास बने और 450 बिके, जिससे आयोजकों को ₹6 लाख का चूना लगा। असली पास एक online booking portal पर ₹1,000 का था; Lokmat Times के मुताबिक नकली पास ₹300 से ₹500 में बिके, और event manager ने TOI को बताया कि ये ₹400 में बेचे जा रहे थे। लोगों को गेट पर पता चला, जब उनके पास का QR code scan ही नहीं हुआ।
  • TOI ने यह भी बताया कि 2023 की नवरात्रि में उत्तर मुंबई में नकली गरबा पास के चार मामले सामने आए थे और 11 लोग गिरफ़्तार हुए थे।

तरीका एक जैसा है: आयोजक के बजाय किसी और से, आधिकारिक दाम से सस्ता पास, जिसकी पोल तभी खुलती है जब वह आयोजक के स्टॉल या गेट पर पहुंचता है। Event manager ने TOI से कहा कि लोग सिर्फ़ कार्यक्रम के verified online booking portal से ही पास खरीदें।

03 / 'Rent a garba partner' वाले विज्ञापन

Gujarat Samachar के मुताबिक सितंबर 2026 में Instagram और Facebook पर पोस्ट और reels में गरबा खेलने के लिए 'पार्टनर' ऑफ़र किया गया: दो घंटे या पूरी रात के लिए, matching कपड़ों, फ़ोटो और reels के साथ। IANS ने दूसरी रिपोर्टों के हवाले से पैकेज के दाम करीब ₹500 से ₹6,500 बताए; Gujarat Samachar के मुताबिक Silver, Gold और Platinum पैकेज ₹1,000 से ₹10,000 तक के थे।

मीडिया रिपोर्ट: अहमदाबाद साइबर क्राइम सेल ने सितंबर में इन पोस्ट की जांच शुरू की। DCP लविना सिन्हा ने IANS से कहा कि:

  • ज़रूरी नहीं कि पोस्ट के पीछे कोई जान-पहचान वाला हो;
  • ऐसी पोस्ट बातचीत शुरू करने का ज़रिया हो सकती है, जिसका बाद में गलत इस्तेमाल हो;
  • हो सकता है आप पैसे दे दें और सर्विस कभी मिले ही नहीं;
  • पेमेंट वाला लिंक भी साइबर फ्रॉड का ज़रिया बन सकता है।

Gujarat Samachar के मुताबिक उन्होंने ऐसे विज्ञापनों को साइबर क्राइम का एक रूप बताया, और सेल ने honeytrap और पैसे ऐंठने (financial extortion) की चेतावनी दी। सेल ने यह भी आगाह किया कि पार्टनर की 'details' के नाम पर APK फ़ाइल (आधिकारिक app store से बाहर भेजा गया Android ऐप) या लिंक भेजे जा सकते हैं, जिनसे ठग फ़ोन हैक करके पैसे चुरा सकते हैं। IANS के मुताबिक पुलिस अभी यह पता लगा रही थी कि ये पोस्ट असली सर्विस हैं या फ्रॉड का मुखौटा।

बिना पुष्टि वाला दावा: Gujarat Samachar ने एक अनाम सूत्र के हवाले से लिखा कि गुजरात में कई युवा ऐसी पोस्ट के झांसे में आकर कथित तौर पर लाखों रुपये गंवा चुके हैं। अखबार ने यह भी लिखा कि पुलिस को इस फ्रॉड को कथित तौर पर चला रहे गिरोह के बारे में अहम सुराग मिले हैं। दोनों में से किसी भी रिपोर्ट में शिकायतों या नुकसान का पुलिस का कोई आंकड़ा नहीं है।

04 / पहले पेमेंट वाले लिंक: तीनों जाल की एक कड़ी

तीनों जाल का अंत एक जैसा होता है: कुछ भी जांचने से पहले आप पैसे दे चुके होते हैं। इनमें से कुछ भी दिखे तो पीछे हट जाएं:

  • बेचने वाला सिर्फ़ किसी व्यक्ति की UPI ID पर, chat में भेजे QR code से या direct message में आए 'booking link' से पेमेंट लेता है।
  • पास आयोजक के दाम से सस्ता है, या 'बस कुछ ही बचे हैं' कहकर अभी पेमेंट करने को कहा जाता है।
  • पास पाने या पार्टनर की 'details' देखने के लिए आपसे ऐप इंस्टॉल करने या कोई फ़ाइल खोलने को कहा जाता है।
  • कोई 'पार्टनर' कुछ भी तय होने से पहले private chat या video call पर ज़ोर देता है। हमारी सेक्सटॉर्शन गाइड वाला स्कैम अक्सर ऐसे ही शुरू होता है।

देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In अपनी आधिकारिक advisory में सलाह देती है: अनजान लोगों के भेजे लिंक या attachment पर क्लिक न करें; संस्था की वेबसाइट का पता खुद टाइप करें; ऐप सिर्फ़ आधिकारिक app store से इंस्टॉल करें; और QR code से पेमेंट करने से पहले banking name जांच लें। पैसे भेजने से पहले आप किसी का नंबर, UPI ID या प्रोफ़ाइल I4C के suspect search पर भी देख सकते हैं। वहां कुछ न मिलने का मतलब यह नहीं कि बेचने वाला ईमानदार है।

हमारी Scam Lab में एक काल्पनिक उदाहरण पर अभ्यास करें: नामुमकिन-सी सस्ती sale वाला डेमो।

05 / पास सुरक्षित तरीके से कैसे खरीदें

  • आयोजक से खरीदें: उसके अपने काउंटर से, या उस booking platform से जिसका नाम आयोजक अपने आधिकारिक पेज पर देता है। मुंबई के दोनों मामले आयोजक के यहां ही पकड़े गए: एक उसके स्टॉल पर, दूसरा उसके गेट पर।
  • 'Season pass' के लिए किसी व्यक्ति की UPI ID पर कभी पेमेंट न करें। अगर आपके UPI ऐप में आयोजक या platform की जगह किसी व्यक्ति का नाम दिखे, तो रुक जाएं।
  • पास किसी और से मिला है? कार्यक्रम की रात से पहले आयोजक के काउंटर पर उसकी जांच करवा लें, जैसा 2023 के बोरीवली मामले में खरीदारों ने किया था।
  • सबूत रखें: रसीद या booking ID, और बेचने वाले का नंबर, प्रोफ़ाइल और UPI ID।
  • किसी ऐप की ज़रूरत नहीं। पास 'पाने' के लिए कोई ऐप इंस्टॉल न करें, न कोई APK फ़ाइल खोलें। APK मैलवेयर कैसे काम करता है।
  • त्योहार की खरीदारी भी कर रहे हैं? हमारी फ़ेस्टिव सेल स्कैम गाइड देखें।

06 / फंस गए तो क्या करें

  • पास या 'पार्टनर' के लिए पैसे दिए और कुछ नहीं मिला, या किसी लिंक से पेमेंट कर दिया: अभी 1930 पर कॉल करें, फिर अपने बैंक को उसके आधिकारिक नंबर पर (बैंकों के फ्रॉड हेल्पलाइन नंबर), फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत पूरी करें। पहले घंटे में क्या करना है, यह हमारी पैसे गए तो क्या करें वाली चेकलिस्ट और UPI फ्रॉड गाइड में है।
  • किसी लिंक पर क्लिक किया या ऐप इंस्टॉल कर लिया: फ़ोन को flight mode पर डालें, ऐप अनइंस्टॉल करें और बैंक को कॉल करके कार्ड, UPI और नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं। PIN और पासवर्ड किसी दूसरे, भरोसेमंद डिवाइस से बदलें। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, फ़ोन हैक होने का शक हो तो DCP सिन्हा की सलाह है कि 1930 पर संपर्क करें और नज़दीकी पुलिस स्टेशन को बताएं।
  • किसी चैट या वीडियो कॉल के बाद ब्लैकमेल किया जा रहा है: पैसे न दें, जवाब देना बंद करें, प्रोफ़ाइल, चैट और UPI ID के स्क्रीनशॉट सेव करें, फिर रिपोर्ट और ब्लॉक करें। शिकायत करने और कंटेंट हटवाने का तरीका हमारी सेक्सटॉर्शन गाइड में है। यह भी देखें कि यह स्कैम कैसे काम करता है, और Scam Lab डेमो पर अभ्यास करें।
  • नकली पास किसी से आमने-सामने (सीधे) खरीदा: आयोजक को बताएं, और पास व बेचने वाले के बारे में जो भी जानकारी है, उसके साथ अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।
  • पैसे नहीं गए: अगर संपर्क कॉल, SMS या WhatsApp पर हुआ था, तो 30 दिन के अंदर सरकार के Sanchar Saathi पोर्टल पर Chakshu में शिकायत करें (शिकायत कैसे करें)। Instagram या Facebook की प्रोफ़ाइल और पोस्ट को cybercrime.gov.in पर 'Report Suspect' में और ऐप के अंदर भी रिपोर्ट करें।
  • फ़ीस लेकर पैसा 'वापस दिलाने' की पेशकश करने वालों को नज़रअंदाज़ करें: रिकवरी असल में कैसी होती है।

07 / स्रोत और सीमाएं

आधिकारिक दस्तावेज़ों से पुष्टि: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा (केंद्र सरकार की छुट्टियों की सूची, DoPT); CERT-In की सलाह; Chakshu की 30 दिन की समय-सीमा; और cybercrime.gov.in पर suspect search व 'Report Suspect' सुविधाएं। Drik Panchang से तारीखें (पंचांग प्रकाशक, आधिकारिक स्रोत नहीं): उसके नई दिल्ली कैलेंडर के मुताबिक नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर से मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 तक। मीडिया रिपोर्ट: अहमदाबाद की चेतावनी (IANS, 21 सितंबर 2026; Gujarat Samachar, 22 सितंबर 2026); 2023 का बोरीवली मामला (Siasat पर IANS; The Indian Express) और 2024 का मामला (The Times of India; Lokmat Times)। गिरफ़्तारियां पुलिस के आरोप हैं, सज़ा नहीं। कुछ आंकड़ों पर, और किन कार्यक्रमों के साथ धोखा हुआ इस पर, रिपोर्टें अलग-अलग हैं: 2023 के लिए IANS दो कार्यक्रमों की बात करता है जबकि Express एक का नाम लेता है, और 2024 के कार्यक्रम का नाम TOI और Lokmat अलग-अलग बताते हैं। इसलिए हमने लेख में कार्यक्रमों के नाम नहीं लिखे। दावा: विज्ञापनों और बेचने वालों का, कि पेमेंट के बाद पास या 'पार्टनर' मिल जाएगा; और Gujarat Samachar में छपे एक अनाम सूत्र का, कि गुजरात में कई युवा ऐसी पोस्ट के चक्कर में लाखों रुपये गंवा चुके हैं। नुकसान वाले इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है, और IANS के मुताबिक पुलिस अभी इन पोस्ट की जांच कर रही थी। उपलब्ध नहीं: गरबा से जुड़े फ्रॉड की शिकायतों या नुकसान का कोई आधिकारिक आंकड़ा, या 2026 के 'rent a partner' विज्ञापनों से किसी के पैसे जाने का कोई पुष्ट मामला। 2025 या 2026 में नकली पास के मामले में गिरफ़्तारी की कोई रिपोर्ट भी हमें नहीं मिली।

स्रोत सूची / 2026-1001-NG

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