गाइड
भारत में crypto स्कैम: कैसे होते हैं, exchange कैसे जांचें और पैसे गए तो क्या करें

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।
नकली ट्रेडिंग app, USDT में पेमेंट वाली 'टास्क' नौकरियां, मैट्रिमोनियल मैच जो crypto टिप्स देने लगते हैं और क्लोन की गई exchange साइटें। ED, CBI और I4C को क्या मिला, सरकार रजिस्टर्ड exchanges की सूची क्यों नहीं छापेगी, और शिकायत कहां करें।
01 / छोटा जवाब
अगर कोई अजनबी, कोई नया मैच या WhatsApp या Telegram पर कोई 'मेंटर' आपसे crypto खरीदने, उसे अपने बताए app में डालने या अपना 'मुनाफ़ा' निकालने के लिए फ़ीस भरने को कहे, तो इसे स्कैम मानें। भारत में crypto रखना और उसकी ट्रेडिंग करना कानूनी है, लेकिन इसके लिए कोई अलग रेगुलेटर नहीं है, और Financial Intelligence Unit (FIU) में रजिस्ट्रेशन कोई लाइसेंस या गारंटी नहीं है। अगर पैसे जा चुके हैं, तो 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, जहां शिकायत के प्रकारों में 'cryptocurrency crimes' शामिल है।
भारत में crypto फ्रॉड से हुए नुकसान का कोई आंकड़ा कोई भी आधिकारिक संस्था जारी नहीं करती। नीचे दिए मामले प्रवर्तन निदेशालय (ED), CBI और I4C से हैं।
02 / जांच एजेंसियों को बार-बार मिलने वाले स्कैम
- USDT में पेमेंट वाले 'टास्क' और पार्ट-टाइम जॉब स्कैम। हैदराबाद के एक मामले में ED का कहना है कि पीड़ितों को शुरू में छोटा 'मुनाफ़ा' दिया गया, फिर पैसे निकालने से पहले 'टैक्स' मांगा गया। ED के मुताबिक अपराध से कमाए ₹285 करोड़ कुछ समय के लिए चलाए गए म्यूल खातों से होकर गुज़रे, और गिरोह 'अक्सर Binance पर peer-to-peer (P2P) लेनदेन के ज़रिए, तीसरे पक्ष से पेमेंट करवाकर USDT (Tether) खरीदता था'। टास्क स्कैम कैसे काम करते हैं।
- नकली ट्रेडिंग app और घर में बने 'कॉइन'। 2025 और 2026 के ED मामलों में HPZ Token app शामिल है, जिससे ED के मुताबिक करीब ₹2,200 करोड़ की अपराध की कमाई हुई। एक मामला खुद को crypto 'इन्फ्लुएंसर' बताने वालों के Telegram ग्रुप का भी है, जिसने डिस्काउंट पर token अलॉटमेंट बेचे और फिर डिलीवरी बंद कर दी; ED ने इसकी रकम करीब US$35 मिलियन बताई है। ये चल रहे मामलों में लगाए गए आरोप हैं। नकली ट्रेडिंग app।
- मैट्रिमोनियल और डेटिंग मैच। I4C ने 31 अक्टूबर 2025 को मैट्रिमोनियल साइटों पर फ़र्ज़ी प्रोफ़ाइलों को लेकर एडवाइज़री जारी की। ये प्रोफ़ाइलें उम्र और आमदनी के फ़िल्टर से खाते-पीते लोगों को चुनती हैं, हफ़्तों तक भरोसा जीतती हैं और फिर उन्हें crypto 'निवेश' में धकेलती हैं। रोमांस और crypto स्कैम।
- क्लोन exchange साइटें और नकली सपोर्ट। सर्च नतीजों में ऊपर पहुंचाई गई Coinbase की नकली साइटों वाले एक मामले में ED का कहना है कि पीड़ितों को एक नकली सपोर्ट नंबर पर भेजा गया और उनका crypto P2P सौदों के ज़रिए बेच दिया गया। ED की प्रेस रिलीज़ में नकली साइटें पहचानने की एक चेकलिस्ट भी दी गई है।
03 / क्या मेरा exchange 'रजिस्टर्ड' है? सरकार नहीं बताएगी
मार्च 2023 से भारतीयों को सेवा देने वाले crypto प्लेटफ़ॉर्म के लिए मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत FIU-India में रजिस्टर करना ज़रूरी है। 30 मार्च 2026 को Lok Sabha में दिए जवाब में वित्त मंत्रालय ने बताया कि 9 मार्च 2026 तक 54 प्लेटफ़ॉर्म रजिस्टर्ड थे, और FIU ने नियमों का पालन किए बिना चल रहे 53 विदेशी (offshore) प्लेटफ़ॉर्म के app और वेबसाइट हटवाने का निर्देश दिया था।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि FIU ने रजिस्टर्ड प्लेटफ़ॉर्म की सूची सार्वजनिक नहीं की है, क्योंकि सार्वजनिक सूची से 'यह धारणा बन सकती है कि रजिस्टर्ड संस्थाएं सरकार से लाइसेंस प्राप्त, मंज़ूर या समर्थित हैं' इससे 'यूज़र्स गुमराह होकर यह मान सकते हैं कि फ्रॉड या नुकसान होने पर उन्हें नियामक सुरक्षा या शिकायत का रास्ता मिलेगा'। हालांकि जवाब के साथ लगे परिशिष्ट (annexure) में सभी 54 के नाम हैं, इसलिए अपनी तारीख के हिसाब से यही सबसे भरोसेमंद सार्वजनिक जानकारी है।
रजिस्ट्रेशन का मतलब है कि प्लेटफ़ॉर्म संदिग्ध लेनदेन की जानकारी FIU को देता है। इसका मतलब यह नहीं कि आपका पैसा सुरक्षित है।
कुछ प्लेटफ़ॉर्म दोनों सूचियों में हैं: Binance, Bybit, KuCoin और Coinbase ब्लॉक किए गए प्लेटफ़ॉर्म में थे और रजिस्टर्ड सूची में भी हैं। इसलिए takedown वाली सूची कार्रवाई का इतिहास है, मौजूदा पाबंदी की सूची नहीं।
04 / P2P पर USDT बेचने से बैंक खाता फ्रीज़ हो सकता है
ED का हैदराबाद मामला पूरी कड़ी बताता है: विक्रेता एक exchange पर सस्ते में USDT खरीदते हैं और उसे P2P बाज़ार में बेचते हैं, जहां उन्हें मिलने वाले रुपये कभी-कभी किसी स्कैम पीड़ित के होते हैं। जब पीड़ित 1930 पर शिकायत करता है, तो जिस खाते में पैसा आया, वह फ्रीज़ हो सकता है। Crypto Times की रिपोर्ट के मुताबिक CBI ने 11 सितंबर 2026 को चेतावनी पोस्ट की कि 'बाज़ार से ऊंचे दाम' पर USDT खरीदने वाला 'फ्रॉड का पैसा इस्तेमाल कर रहा हो सकता है'।
- किसी तीसरे व्यक्ति, अलग नाम या कई खातों से आने वाले पेमेंट न लें।
- बाज़ार भाव से ज़्यादा दाम देने वाले या बातचीत Telegram या WhatsApp पर ले जाने को कहने वाले खरीदारों से सावधान रहें।
- हर ट्रेड का रिकॉर्ड रखें: सामने वाले की जानकारी, पेमेंट रेफ़रेंस और चैट।
अगर आपका खाता पहले ही फ्रीज़ हो चुका है, तो हमारी गाइड देखें: साइबर पुलिस ने बैंक खाता फ्रीज़ किया।
05 / अगर पैसे जा चुके हैं
- तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। इसके FAQ में जिन शिकायतों को लिया जाता है, उनमें 'cryptocurrency crimes' शामिल है। शिकायत कैसे करें।
- सबूत संभालें: ट्रांज़ैक्शन हैश, wallet एड्रेस, app या वेबसाइट का पता, चैट के स्क्रीनशॉट, और रुपये में किए गए हर पेमेंट के UPI या बैंक रेफ़रेंस।
- अगर आपने UPI या बैंक ट्रांसफ़र से रुपये भेजे हैं, तो अपने बैंक को भी फ़ौरन बताएं। बैंक फ्रॉड नंबर।
- अगर प्लेटफ़ॉर्म रजिस्टर्ड exchange है, तो उसके आधिकारिक app के ज़रिए सपोर्ट को उस अकाउंट और लेनदेन की शिकायत करें।
रिकवरी को लेकर उम्मीदें असलियत के हिसाब से रखें। एजेंसियां crypto ज़ब्त कर सकती हैं और करती भी हैं: CBI का कहना है कि उसके पास डिजिटल एसेट ज़ब्त करने की अपनी क्षमता है, और ED ने कई मामलों में crypto फ्रीज़ और कुर्क किया है। लेकिन ED की 2025–26 की प्रेस रिलीज़ में हमें ऐसा कोई मामला नहीं मिला जिसमें ज़ब्त crypto फ्रॉड पीड़ितों को लौटाया गया हो।
06 / दूसरा स्कैम: 'रिकवरी' एजेंट
जिन लोगों का crypto डूब चुका है, उनसे अक्सर 'रिकवरी एक्सपर्ट', नकली लॉ फ़र्म या किसी एजेंसी से होने का दावा करने वाले लोग संपर्क करते हैं, जो पैसा ट्रेस करने या अनलॉक करने के लिए फ़ीस मांगते हैं। FBI ने 13 अगस्त 2025 को ठीक इसी बारे में चेतावनी दी थी। भारत में कोई भी असली एजेंसी चोरी हुआ पैसा वापस दिलाने के लिए आपसे पैसे नहीं लेती। रिकवरी स्कैम कैसे काम करते हैं।
आप हमारी Scam Lab पर इन्हें पहचानने की प्रैक्टिस कर सकते हैं: crypto रोमांस डेमो और रिकवरी स्कैम डेमो।
07 / पुष्टि बनाम रिपोर्ट
आधिकारिक दस्तावेज़ों से पुष्ट: 30 मार्च 2026 का Lok Sabha जवाब (54 रजिस्टर्ड, 53 takedown, कोई सार्वजनिक सूची नहीं), 1 अक्टूबर 2025 को 25 विदेशी प्लेटफ़ॉर्म को भेजे गए FIU के नोटिस, I4C की मैट्रिमोनियल एडवाइज़री, NCRP की crypto शिकायत श्रेणी, और ED व CBI के मामलों का ब्योरा, जो एजेंसियों के आरोप हैं, अदालत के फ़ैसले नहीं। सिर्फ़ मीडिया में रिपोर्ट: 11 सितंबर 2026 की CBI की P2P चेतावनी। उपलब्ध नहीं: भारत में crypto फ्रॉड की शिकायतों या नुकसान का कोई आधिकारिक आंकड़ा।
स्रोत सूची / 2026-0930-CR
- Lok Sabha Unstarred Q 5805 — Regulation of Virtual Digital Assets in the Country (answered 30 Mar 2026) Primary
- PIB — FIU-IND issues notices to 25 offshore VDA service providers (1 Oct 2025) Primary
- Enforcement Directorate, Hyderabad — attachment in cyber fraud case, USDT P2P laundering (20 Nov 2025) Primary
- I4C / NCTAU — Advisory: misuse of matrimonial platforms for investment/crypto frauds (31 Oct 2025) Primary
- National Cyber Crime Reporting Portal — FAQ (complaint types include cryptocurrency crimes) Primary
- Enforcement Directorate — HPZ Token case (17 Mar 2026) Primary
- Enforcement Directorate, Bengaluru — Telegram OTC token scam (21 Jul 2026) Primary
- Enforcement Directorate — spoofed Coinbase sites case, with a spoofed-site checklist (12 Nov 2025) Primary
- CBI — Operation Chakra-V: part-time job fraud layered through crypto exchanges (14 Oct 2025) Primary
- FBI IC3 — Fictitious law firms targeting cryptocurrency scam victims (13 Aug 2025) Primary
- Crypto Times — CBI warns Indian crypto users over P2P trades and UPI payments (12 Sep 2026) Secondary