गाइड
साइबर क्राइम शिकायत का स्टेटस 'pending'? NCRP शिकायत को कैसे ट्रैक करें और आगे क्या करें

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।
आपका एक्नॉलेजमेंट नंबर ही आपकी शिकायत की चाबी है। जानिए cybercrime.gov.in पर इसे कैसे ट्रैक करें, स्टेटस स्क्रीन के पीछे क्या होता है, स्टेटस लेबल क्या बताते हैं और क्या नहीं, और कुछ आगे न बढ़े तो मामला ऊपर कैसे ले जाएं।
01 / अपनी शिकायत कैसे ट्रैक करें
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर हर शिकायत को एक एक्नॉलेजमेंट नंबर मिलता है। पोर्टल का FAQ कहता है कि शिकायत सबमिट करते ही यह नंबर आपको SMS और ईमेल से मिलता है, और पोर्टल पर लॉग इन करके आप इससे अपनी शिकायत की प्रगति देख सकते हैं।
पोर्टल के लिए गृह मंत्रालय की जनवरी 2026 की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के मुताबिक यह 14 अंकों का नंबर होता है, जो "NCRP" पर खत्म होने वाले SMS सेंडर ID से आता है। पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के नंबर 2 से शुरू होते हैं। 1930 पर फोन से की गई शिकायतों के नंबर 3 से शुरू होते हैं। अगर आपने 1930 पर कॉल किया था, तो SMS में आपसे कहा जाता है कि उसी नंबर से cybercrime.gov.in पर फ्रॉड की पूरी जानकारी जोड़ें। यह ज़रूर करें: सिर्फ फोन वाली शिकायत में जानकारी बहुत कम होती है।
- cybercrime.gov.in खोलें और Track your Complaint चुनें।
- एक्नॉलेजमेंट नंबर, अपने रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया OTP और कैप्चा डालें।
- हर बार स्टेटस देखने पर नतीजे का स्क्रीनशॉट सेव करें।
02 / स्टेटस स्क्रीन के पीछे क्या होता है
NCRP मुख्य रूप से शिकायतें लेने और उन्हें आगे भेजने का सिस्टम है। पोर्टल का FAQ कहता है कि शिकायतों पर कार्रवाई उस राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की पुलिस करती है जिसे आप चुनते हैं। गृह मंत्रालय ने जुलाई 2026 में संसद को बताया कि शिकायतों को FIR, गिरफ्तारी और चार्जशीट तक ले जाना राज्य पुलिस का काम है।
वित्तीय धोखाधड़ी के लिए SOP यह क्रम तय करती है:
- आपकी शिकायत राज्य और ज़िले के नोडल अफसरों और संबंधित पुलिस स्टेशन को जाती है।
- एक पुलिस अफसर जांचता है कि यह साइबर के ज़रिए हुआ वित्तीय अपराध है, और इसे Citizen Financial Cyber Fraud Reporting and Management System (CFCFRMS) में दर्ज करता है।
- पैसे के रास्ते में आने वाले हर बैंक और बिचौलिए को नोटिस जाते हैं कि शिकायत में बताई गई रकम होल्ड पर रखें। अगर पैसा पहले ही बैंकिंग सिस्टम से बाहर जा चुका है, जैसे ATM से निकासी या क्रिप्टो खरीद के रूप में, तो उसकी जगह यह निकासी दर्ज की जाती है।
- अगर कोई रकम होल्ड होती है, तो आपको SMS और ईमेल मिलना चाहिए, जिसमें एक link होगा जो बताता है कि पैसा लौटाने की प्रक्रिया कैसे काम करती है।
- जहां पैसा लौटाया जाना है, वहां FIR या e-FIR दर्ज की जा सकती है।
03 / स्टेटस लेबल का मतलब, और क्या किसी ने तय ही नहीं किया
यहां सावधान रहें। पोर्टल का FAQ अलग-अलग स्टेटस लेबल का मतलब नहीं समझाता, और हमें कोई आधिकारिक शब्दावली नहीं मिली। जो भी आपको "pending" या "under process" का कोई पक्का आधिकारिक मतलब बताता है, वह गृह मंत्रालय की प्रकाशित जानकारी से आगे की बात कह रहा है।
स्टेटस लेबल बताता है कि आपकी शिकायत सिस्टम में कहां है। यह नहीं बताता कि आपका पैसा मिला या नहीं।
कानूनी मदद वाली वेबसाइटें कामचलाऊ मतलब बताती हैं, जिन्हें अनौपचारिक ही मानें:
- Pending, under process या assigned: आमतौर पर इसका मतलब माना जाता है कि शिकायत आगे भेज दी गई है और पुलिस कार्रवाई का इंतज़ार है।
- FIR registered: एक FIR नंबर मौजूद है। सिर्फ NCRP शिकायत अपने-आप में FIR नहीं है।
- Closed या disposed: कानूनी मदद वाली साइट RTI Wiki के मुताबिक यह आमतौर पर पुलिस को मामला सौंपे जाने का संकेत है, यह फैसला नहीं कि कुछ हुआ ही नहीं। इससे आपका FIR मांगने का हक खत्म नहीं होता।
सबसे काम का संकेत बैंक या पोर्टल से आने वाला होल्ड का मैसेज है, क्योंकि उससे पता चलता है कि पैसा सच में फ्रीज़ हुआ है।
04 / अगर पैसा होल्ड पर है
होल्ड हुआ पैसा अपने-आप आपके पास वापस नहीं आता। आपको आवेदन करना होता है, या तो गृह मंत्रालय के Money Restoration Module के ज़रिए ऑनलाइन, या कोर्ट के ज़रिए। हमारी गाइड 1930 पर शिकायत के बाद पैसा होल्ड पर दोनों रास्ते समझाती है।
SOP यह भी साफ कहती है कि अगर जिस खाते में आपका पैसा गया वह खाली है, या उसमें विवादित रकम से कम पैसा है, तो बैंक से उस खाते से आपको भुगतान करने की उम्मीद नहीं की जाती। कितना पैसा ट्रेस हो पाता है, यह इस पर निर्भर करता है कि आपने कितनी जल्दी शिकायत की, और इसी वजह से पहला घंटा इतना अहम है।
05 / कुछ आगे न बढ़े तो मामला ऊपर कैसे ले जाएं
- 1930 पर कॉल करें, अपना एक्नॉलेजमेंट नंबर बताएं और पूछें कि आपकी शिकायत किस पुलिस स्टेशन या साइबर सेल को भेजी गई।
- उस स्टेशन पर जाएं, एक्नॉलेजमेंट का प्रिंटआउट और अपने सबूत साथ लेकर। एक छोटा लिखित आवेदन दें जिसमें स्टेटस पूछें और, धोखाधड़ी जैसे संज्ञेय अपराध के लिए, FIR दर्ज करने की मांग करें। रसीद के तौर पर उस पर मुहर लगी कॉपी लें।
- पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखें (कमिश्नरेट में DCP साइबर को)। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत, अगर थाना प्रभारी ने आपकी सूचना दर्ज करने से मना कर दिया, तो आप वह सूचना लिखित में, डाक से SP को भेज सकते हैं। अगर इससे भी बात न बने, तो यही धारा मजिस्ट्रेट को आवेदन देने की इजाज़त देती है।
- RTI लगाएं, पुलिस ज़िले से पूछें कि क्या कार्रवाई हुई और शिकायत कहां भेजी गई। चल रही जांच की जानकारी रोकी जा सकती है।
- साथ-साथ बैंक वाला रास्ता भी चालू रखें: अपने बैंक को लिखित शिकायत, फिर RBI लोकपाल। हमारी मनी रिकवरी गाइड देखें।
अगर मामला बड़ा या उलझा हुआ है, तो मजिस्ट्रेट के पास जाने से पहले किसी वकील से सलाह लेने पर विचार करें।
06 / आपकी चेकलिस्ट
- 14 अंकों का एक्नॉलेजमेंट नंबर और जिस SMS में वह आया, दोनों संभालकर रखें।
- अगर आपने 1930 पर कॉल किया था, तो cybercrime.gov.in पर पूरी जानकारी जोड़ें।
- नंबर और OTP से स्टेटस देखें, और हर बार का स्क्रीनशॉट लें।
- होल्ड के अलग SMS या ईमेल पर नज़र रखें।
- पता करें कि मामला किस स्टेशन के पास है और लिखित में फॉलो-अप करें।
- अगर मना कर दिया जाए, तो BNSS की धारा 173(4) के तहत SP को लिखें।
- साथ-साथ अपने बैंक वाली शिकायत भी आगे बढ़ाएं।
- स्टेटस "जल्दी आगे बढ़वाने" की पेशकश करने वाले किसी को भी कभी पैसे न दें।
स्रोत सूची / 2026-0929-HS
- National Cyber Crime Reporting Portal — FAQ Primary
- National Cyber Crime Reporting Portal — Track your complaint Primary
- MHA / I4C — Standard Operating Procedure for NCRP-CFCFRMS, Custody, Restoration of Money and Grievance Redressal (2 Jan 2026; copy circulated by the Chhattisgarh High Court) Primary
- PIB (MHA) — Lok Sabha reply on CFCFRMS, NCRP and the restoration and grievance modules (28 Jul 2026) Primary
- Gazette of India — Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (Section 173(4)) Primary
- RTI Wiki — Cybercrime complaint disposed without action? (updated 11 Sep 2026) Secondary
- JuriGram — Cyber complaint status check online: how to track (2026) Secondary