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LIC/पॉलिसी बोनस के नाम पर फ्रॉड कॉल और नकली Bima Bharosa साइट: IRDAI क्या कहता है

प्रकाशित 4 मिनट में पढ़ेंलेखक: Vivek Kumar
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प्रतीकात्मक तस्वीर (Unsplash)। इसमें दिखाए गए लोग या संस्थाएं इस खबर से जुड़ी नहीं हैं।

ठग बोनस, बंद पॉलिसी का रिफ़ंड या एजेंट का कमीशन दिलाने का वादा करते हैं, फिर 'फ़ीस' या 'GST' मांगते हैं। एक नकली साइट खुद को IRDAI का शिकायत पोर्टल बता रही थी। IRDAI और LIC क्या कहते हैं, कैसे जांचें, और पैसे दे दिए तो क्या करें।

01 / छोटा जवाब

अगर कोई कॉल करके कहे कि आपकी LIC या किसी दूसरी बीमा पॉलिसी पर बोनस, रिफ़ंड या कमीशन रुका है, पर पहले फ़ीस, 'GST' या डिपॉज़िट भरना होगा, तो यह ठगी है। बीमा नियामक IRDAI कहता है कि वह कोई बोनस घोषित नहीं करता। LIC कहता है कि वह फ़ोन पर बोनस की जानकारी नहीं देता।

असली पॉलिसी का पैसा पाने के लिए आपको पहले कोई पैसा नहीं देना पड़ता।

पैसे दे चुके हैं? अभी 1930 पर कॉल करें। पूरे कदम हिस्सा 06 में हैं।

02 / कॉल पर क्या कहा जाता है

IRDAI ऐसी कॉल को लेकर 29 जनवरी 2014, 26 अगस्त 2014 और 9 सितंबर 2019 को सार्वजनिक सूचना जारी कर चुका है; आख़िरी सूचना 27 जुलाई 2020 को दोबारा जारी हुई। दिल्ली पुलिस ने भी ऐसी कॉल की सूची दी है। ठग आमतौर पर यह कहते हैं:

  • बोनस: आपका 'unclaimed' या 'loyalty' बोनस बकाया है।
  • बंद (lapsed) पॉलिसी: जिस पॉलिसी की किस्तें आपने भरनी छोड़ दीं, उसका पैसा 'रिफ़ंड' हो सकता है।
  • एजेंट का कमीशन: आपके एजेंट का कमीशन आपको वापस मिल सकता है।
  • सरेंडर करके नई पॉलिसी: पुरानी पॉलिसी बंद करें और नई ले लें।
  • असली चाल: पहले 'फ़ीस', 'advance tax' या डिपॉज़िट कॉल करने वाले को भेजें।

कॉल करने वाले खुद को IRDAI, RBI, 'grievance cell' या IGMS (IRDAI का शिकायत सिस्टम, जिसे अब Bima Bharosa कहते हैं) से बताते हैं, और उन्हें आपकी पॉलिसी की जानकारी पहले से पता हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट: अगस्त 2026 में बीमा अधिकारी बनकर ठगों ने अहमदाबाद की एक पुलिस इंस्पेक्टर को ₹19.5 लाख दिलाने का वादा किया। उन्होंने पहले 'processing charge' भरा, फिर 'GST', जो ठगों के मुताबिक लौटना था: कुल करीब ₹5.4 लाख। यह Outlook Money और Free Press Journal ने The Times of India के हवाले से बताया।

03 / नकली शिकायत वेबसाइट

4 सितंबर 2026 को IRDAI ने सार्वजनिक सूचना IRDAI/PPGR/BB/2026-27/25 जारी की, एक ऐसी वेबसाइट के ख़िलाफ़ जो खुद को IRDAI का शिकायत प्लेटफ़ॉर्म बताती है। सूचना में नकली साइट का पता दिया है; हम उसे यहां नहीं दोहरा रहे। ऐसे नकली पतों में 'igms' और 'irdai' शब्द होते हैं, लेकिन वे irdai.gov.in पर खत्म नहीं होते। IRDAI कहता है कि यह IRDAI की वेबसाइट नहीं है और इस पर कार्रवाई की जा रही है।

IRDAI के मुताबिक, ऐसी साइट पर शिकायत दर्ज न करें, पॉलिसी, बैंक, KYC या OTP की जानकारी न दें, और कोई पैसा न भेजें। शिकायत का एकमात्र आधिकारिक पोर्टल bimabharosa.irdai.gov.in है। पता खुद टाइप करें।

Bima Bharosa कहता है कि वह किसी भी तरह का भुगतान नहीं मांगता, और उन मिलती-जुलती साइटों से सावधान करता है जो क्लेम जल्दी निपटाने के नाम पर पैसे मांगती हैं। जो QR कोड या लिंक आपके खाते में पैसे भेजने का दावा करे, उसे कभी स्कैन न करें, न खोलें।

04 / IRDAI और LIC क्या कहते हैं

  • IRDAI न बीमा बेचता है, न बीमा कंपनियों का प्रीमियम निवेश करता है, न कोई बोनस घोषित करता है (2014 और 2020 की सूचनाएं)। उसके शिकायत विभाग के अधिकारी वहां दर्ज शिकायतों के बारे में कॉल नहीं करते (अगस्त 2014 और 2019 की सूचनाएं)।
  • पॉलिसी पर सिर्फ़ वही फ़ायदा मिलता है जो उसकी शर्तों में लिखा है। इससे बाहर का हर ऑफ़र फ़र्ज़ी है, IRDAI कहता है।
  • LIC फ़ोन पर बोनस की जानकारी नहीं देता और पॉलिसी बंद करने की सलाह कभी नहीं देता। पॉलिसी की जानकारी licindia.in पर या अपनी ब्रांच में जांचें, LIC कहता है।
  • Business Standard और StudyCafe के मुताबिक, LIC ने मार्च 2025 में भी कहा था कि वह KYC जांच के लिए कभी कॉल, SMS या ईमेल नहीं करता।

05 / अपनी पॉलिसी खुद जांचें

  • LIC: licindia.in पर Customer Portal, LIC का ग्राहकों वाला ऐप (वेबसाइट पर इसका नाम MyLIC है), या पॉलिसी बॉन्ड लेकर अपनी ब्रांच। LIC की वेबसाइट पर दिया नंबर +91-22-68276827 है।
  • दूसरी बीमा कंपनियां: पॉलिसी पर छपी वेबसाइट या नंबर ही इस्तेमाल करें, कॉल करने वाले का बताया नंबर कभी नहीं।
  • शक हो? मैसेज हमारे स्कैम चेकर में डालकर देखें।

06 / पैसे दे दिए या जानकारी बता दी? अब क्या करें

  • पैसे कट गए हैं: 1930 पर कॉल करें, फिर अपने बैंक को उसके आधिकारिक नंबर पर, फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। पहले घंटे में क्या करना है, यह हमारी पैसे गए तो क्या करें वाली चेकलिस्ट में है।
  • PIN, OTP या बैंक की जानकारी बता दी: बैंक को कॉल करके नेट बैंकिंग, UPI और कार्ड ब्लॉक करवाएं।
  • LIC के ग्राहक: कॉल की शिकायत spuriouscalls@licindia.com पर भेजें, और कॉल करने वाले के नंबर के साथ पुलिस में भी शिकायत करें।
  • पॉलिसी को लेकर असली शिकायत: IRDAI की सलाह है कि पहले बीमा कंपनी से शिकायत करें। Bima Bharosa शिकायत को बीमा कंपनी तक पहुंचाता है, और जवाब से संतुष्ट न हों तो IRDAI तक ले जाने का रास्ता देता है। इसका कॉल सेंटर 155255 या 1800 425 4732 है (सुबह 8 से रात 8 बजे, सोमवार से शनिवार)। फिर भी हल न हो, तो अगला रास्ता बीमा लोकपाल (Insurance Ombudsman, cioins.co.in) है।
  • नंबर की शिकायत Chakshu पर करें। फ़ीस लेकर पैसा 'वापस दिलाने' वालों से बचें; क्यों।

07 / पुष्टि, रिपोर्ट और दावा

आधिकारिक दस्तावेज़ों से पुष्टि: IRDAI की सूचनाएं; Bima Bharosa की चेतावनी और नंबर; LIC की spurious calls वाली सूचना; दिल्ली पुलिस की फ़र्ज़ी कॉल की सूची। 2019 की सूचना के लिए IRDAI की साइट अब 2020 वाला टेक्स्ट दिखाती है; 2019 के शब्द Bajaj Life की कॉपी से लिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट: नकली साइट (TaxGuru, Upstox, Outlook Money, Free Press Journal); LIC की KYC वाली चेतावनी; अहमदाबाद का मामला। दावा (ठगों का): कि वे IRDAI या LIC से बोल रहे हैं, और पैसे भरते ही रकम मिल जाएगी। पता नहीं: कितने लोगों ने नकली साइट इस्तेमाल की या पैसे गंवाए।

स्रोत सूची / 2026-1005-BB

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