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ऑनलाइन फ्रॉड में पैसे गए? 1 जनवरी 2027 से लागू RBI के नए refund नियम, आसान भाषा में

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।
1 जनवरी 2027 से, अगर आप किसी तीसरे पक्ष के फ्रॉड की शिकायत पांच कैलेंडर दिनों के अंदर करते हैं तो आपकी कोई देनदारी नहीं होगी। बैंकों के लिए समय-सीमा भी छोटी होगी, और ₹25,000 तक का एक बार का मुआवज़ा मिलेगा, भले ही आपसे धोखे से OTP ले लिया गया हो।
01 / क्या बदल रहा है, और कब से
24 जून 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने संशोधन निर्देश जारी किए, जो यह नए सिरे से तय करते हैं कि बैंकों को फ्रॉड वाले इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन कैसे संभालने होंगे: UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग और दूसरे डिजिटल पेमेंट। ये नियम 1 जनवरी 2027 या उसके बाद हुए ट्रांज़ैक्शन पर लागू होंगे। उससे पहले के किसी भी मामले का फैसला पुराने 2017 के नियमों से ही होगा।
ये बदलाव कमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों, पेमेंट्स बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, शहरी और ग्रामीण सहकारी बैंकों और लोकल एरिया बैंकों पर लागू होते हैं। RBI का कहना है कि ये पुराने नियमों का दायरा बढ़ाकर ज़्यादा तरह के फ्रॉड को कवर करते हैं, शिकायतें निपटाने में बैंकों का समय घटाते हैं और छोटे फ्रॉड के लिए मुआवज़ा जोड़ते हैं।
02 / पांच कैलेंडर दिनों के अंदर शिकायत करें
सबसे अहम संख्या है पांच कैलेंडर दिन। नए नियमों के तहत अगर फ्रॉड आपके बैंक की लापरवाही से हुआ है, तो आपकी कोई देनदारी नहीं है, चाहे आप कभी भी शिकायत करें। अगर फ्रॉड किसी तीसरे पक्ष की वजह से हुआ, उसमें न आपकी गलती थी न बैंक की, और आपने ट्रांज़ैक्शन के पांच कैलेंडर दिनों के अंदर बैंक को बता दिया, तब भी आपकी कोई देनदारी नहीं है। इससे देर से शिकायत करने पर बैंक की अपनी पॉलिसी तय करेगी कि नुकसान का कितना हिस्सा आपको उठाना होगा।
पांच कैलेंडर दिनों में शनिवार-रविवार और छुट्टियां भी गिनी जाती हैं। उसी दिन शिकायत करें।
RBI के नियमों में बताया गया है कि बैंक की लापरवाही किसे माना जाएगा, जैसे ट्रांज़ैक्शन अलर्ट न भेजना, फ्रॉड की शिकायत के लिए 24x7 चैनल न देना, आपकी शिकायत पर मुस्तैदी से कार्रवाई न करना, और बैंक में सिस्टम फेल होना, सुरक्षा में चूक या अंदरूनी फ्रॉड।
03 / अगर आपको धोखा दिया गया: एक बार का मुआवज़ा
2017 के नियमों में, अगर आपने अपना PIN या OTP शेयर कर दिया, तो शिकायत करने तक का पूरा नुकसान आमतौर पर आपको ही उठाना पड़ता था। शुरुआती नियम अब भी यही है: RBI के नए नियम कहते हैं कि जिस ग्राहक की लापरवाही से फ्रॉड हुआ, जैसे PIN, पासवर्ड या OTP का ठीक से ध्यान न रखना, वह शिकायत करने तक ज़िम्मेदार है। लेकिन छोटे नुकसान के लिए एक नया सुरक्षा कवच जोड़ा गया है।
- किसे: किसी भी व्यक्ति को, जिसमें प्रोपराइटरशिप वाले कारोबारी (sole proprietor) भी शामिल हैं।
- कितना: ₹50,000 तक के कुल नुकसान पर, शुद्ध नुकसान (जितना पैसा वापस मिला उसे घटाकर) का 85% या ₹25,000, जो भी कम हो।
- कितनी बार: पूरी ज़िंदगी में एक बार।
- शर्तें: बैंक अपनी पॉलिसी के तहत नुकसान को सही माने, और आप पांच कैलेंडर दिनों के अंदर फ्रॉड की शिकायत अपने बैंक से और 1930 या cybercrime.gov.in पर करें।
- भुगतान: बैंक आपको एक आवेदन फॉर्म देगा और उसे मिलने के पांच कैलेंडर दिनों के अंदर भुगतान करना होगा। देश के अंदर हुए फ्रॉड में मुआवज़े का 65% RBI देगा, और 10-10% आपका बैंक और वह बैंक देगा जिसमें पैसा गया।
04 / बैंकों के लिए छोटी समय-सीमा
- बैंकों को फ्रॉड वाले ट्रांज़ैक्शन की शिकायतें 45 कैलेंडर दिनों के अंदर निपटानी होंगी, विदेश से जुड़े (cross-border) ट्रांज़ैक्शन के लिए 60 दिन। 2017 के नियमों में यह सीमा 90 दिन है।
- क्रेडिट कार्ड फ्रॉड में बैंक को आपकी शिकायत के पांच कैलेंडर दिनों के अंदर विवादित रकम आपके कार्ड पर वापस करनी होगी (shadow reversal)।
- यह साबित करने की ज़िम्मेदारी कि गलती आपकी है, बैंक पर ही रहेगी।
05 / 31 दिसंबर 2026 तक: पुराने नियम
31 दिसंबर 2026 तक के ट्रांज़ैक्शन पर RBI का 2017 का सर्कुलर लागू होता है। अगर आप तीसरे पक्ष के फ्रॉड की शिकायत बैंक के अलर्ट के तीन वर्किंग डे के अंदर करते हैं, तो आपकी कोई देनदारी नहीं है। चार से सात वर्किंग डे के अंदर शिकायत करने पर आपका नुकसान खाते के हिसाब से ₹5,000 से ₹25,000 के बीच सीमित रहता है, या ट्रांज़ैक्शन की रकम, अगर वह कम हो। उसके बाद बैंक की पॉलिसी लागू होती है। बैंकों को आपकी शिकायत के 10 वर्किंग डे के अंदर विवादित रकम खाते में डालनी होती है और 90 दिनों में शिकायत निपटानी होती है। ये सीमाएं हमने अपने हेल्प पेज पर पूरे विस्तार से समझाई हैं।
06 / पैसा कटते ही क्या करें
- 1930 पर कॉल करके फ्रॉड की शिकायत करें, फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत पूरी करें। शिकायत कैसे करें।
- अपने बैंक की फ्रॉड हेल्पलाइन पर कॉल करें और अपना कार्ड, UPI और नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं। 20 बैंकों के आधिकारिक नंबर।
- बैंक को लिखित शिकायत भेजें, जिसमें हर ट्रांज़ैक्शन की तारीख, रकम और रेफरेंस हो, और शिकायत नंबर संभालकर रखें।
- 1930 या cybercrime.gov.in की पावती (acknowledgement) संभालकर रखें: 2027 से मुआवज़े के लिए आपको इसकी ज़रूरत होगी।
- अगर बैंक समय पर जवाब न दे या आप उसके फैसले से सहमत न हों, तो 90 दिनों के अंदर RBI Ombudsman के पास जाएं। शिकायत कैसे करें।
स्रोत सूची / 2026-0929-RL
- Reserve Bank of India — RBI issues amendment directions on 'Review of Framework of Limiting Customer Liability in Digital Transactions' (24 Jun 2026) Primary
- Reserve Bank of India — Commercial Banks (Responsible Business Conduct) Third Amendment Directions, 2026 Primary
- Reserve Bank of India — Customer Protection: Limiting Liability of Customers in Unauthorised Electronic Banking Transactions (6 Jul 2017) Primary
- Reserve Bank of India — FAQs on the Reserve Bank – Integrated Ombudsman Scheme, 2026 Primary