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डिजिटल अरेस्ट स्कैम स्क्रीन से घर तक: दिल्ली की 75 साल की महिला का आरोप, सौंपने पड़े मकान के कागज़ात

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।
शिकायत के मुताबिक, CBI और ED अफसर बनकर कॉल करने वालों ने कैंसर की एक मरीज़ को 22 दिन वीडियो कॉल पर रखा, ₹3 लाख और ₹4.95 लाख के गोल्ड लोन की रकम ले ली, फिर घर पर ही मकान के कागज़ात उठवाए और बिक्री का एग्रीमेंट साइन करवाया। महिला और उनकी बेटी CBI जांच चाहती हैं।
01 / क्या हुआ
दिल्ली की 75 साल की एक महिला, जिनका उस समय कैंसर का इलाज चल रहा था, अप्रैल में 22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रहीं। कॉल करने वाले खुद को CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अफसर बता रहे थे। NDTV ने 30 सितंबर को यह रिपोर्ट किया। 6 अप्रैल को उनके लैंडलाइन पर कॉल आई, जिसमें दावा किया गया कि उनका नंबर एक मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। फिर WhatsApp वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने लोगों ने कहा कि 30 मिनट के अंदर उन्हें और उनके बच्चों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, और "नेशनल सिक्योरिटी" का मामला बताकर किसी को कुछ भी न बताने को कहा।
उनके कहने पर महिला ने बैंक जाकर ₹3 लाख ट्रांसफर किए। 7 अप्रैल को उन्होंने 83.5 ग्राम सोना गिरवी रखकर करीब ₹4.95 लाख का लोन लिया; शिकायत के मुताबिक यह रकम भी कॉल करने वालों तक पहुंची।
02 / स्क्रीन से घर तक
जब महिला ने उनसे पीछा छोड़ने की गुहार लगाई, तो कॉल करने वालों ने कहा कि बाकी काम घर पर होगा: एक "ऑथराइज़्ड प्रॉपर्टी डीलर" मकान के बारे में संपर्क करेगा। NDTV के मुताबिक इस मकान की कीमत ₹2 करोड़ से ज़्यादा है। रिपोर्ट में बताई गई शिकायत के मुताबिक:
- 13 अप्रैल: खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताने वाला एक व्यक्ति मकान के ओरिजिनल कागज़ात और उनकी सारी कॉपियां ले गया, और कोई रसीद नहीं दी।
- 15 अप्रैल: वह खरीदार और गवाह बनकर आए दो लोगों के साथ लौटा, और महिला से मकान बेचने का एडवांस रसीद-कम-एग्रीमेंट टू सेल साइन करवाया गया, बिना यह पूरी तरह बताए कि उसका मतलब क्या है।
- 17 अप्रैल: उनके खाते में ₹23 लाख और ₹10 लाख के चेक जमा हुए; दो दिन में ₹21 लाख और ₹3 लाख निकाले गए और, शिकायत के मुताबिक, एक दूसरे खाते में भेज दिए गए।
NDTV के मुताबिक आखिरी कॉल 23 अप्रैल को आई और 27 अप्रैल को e-FIR दर्ज हुई (The Hindu के मुताबिक डिजिटल अरेस्ट 6 से 27 अप्रैल तक चला)। बेटी का आरोप है कि बाद में डीलर ने कागज़ात लौटाने के बदले ₹24 लाख मांगे। डीलर ने NDTV से आरोपों से इनकार किया और कहा कि महिला का बेटा बनकर एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया था; हाई कोर्ट में दाखिल दिल्ली पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट कहती है कि इस फ्रॉड में उसकी भूमिका सामने नहीं आई।
धमकी वीडियो पर मिली, लेकिन नुकसान ऑफलाइन हुआ: बैंक में, गोल्ड लोन काउंटर पर और अपने ही घर के दरवाज़े पर।
03 / कोर्ट में मामला
The Hindu के मुताबिक महिला और उनकी बेटी ने दिल्ली हाई कोर्ट से CBI जांच की मांग की है, और कहा है कि पुलिस ने "बहुत कम ठोस प्रगति" की है। The420 के मुताबिक 30 जुलाई को जस्टिस गिरीश कठपालिया ने दिल्ली पुलिस और CBI को नोटिस जारी कर स्टेटस रिपोर्ट मांगी।
अगस्त में जांच अधिकारी ने The Hindu को बताया था कि पैसा पाने वाले कम से कम 10 से 12 बैंक खातों की पहचान हो चुकी है और खाताधारकों से पूछताछ चल रही है; बेटी ने बताया था कि कॉल करने वाले अब भी उनकी मां से संपर्क कर रहे हैं। NDTV के मुताबिक जांच में कंबोडिया के एक कथित गिरोह का हाथ सामने आया है। किसी गिरफ्तारी की खबर नहीं है।
04 / पुष्टि बनाम रिपोर्ट
पुष्टि (The Hindu और The420 ने अलग-अलग रिपोर्ट किया): हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और CBI को नोटिस जारी किया, स्टेटस रिपोर्ट मांगी और केस 13 अगस्त के लिए लिस्ट किया। मीडिया रिपोर्ट: कॉल, पेमेंट, घर पर आए लोग और साइन करवाए गए कागज़, जैसा NDTV, The Hindu और The420 ने शिकायत और याचिका के आधार पर बताया, और स्टेटस रिपोर्ट के निष्कर्ष, जो हमने नहीं देखे। कथित: गिरोह के बारे में कही गई हर बात। जहां रिपोर्टें अलग हैं: NDTV के मुताबिक याचिका बेटी ने दायर की; The Hindu के मुताबिक मां और बेटी दोनों ने।
05 / अभी क्या करें
- सरकार कह चुकी है कि कोई एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर जांच नहीं करती। इसलिए कोई असली अफसर आपको वीडियो पर रोककर नहीं रखेगा, आपका सोना नहीं मांगेगा और न ही कोई डीलर, खरीदार या "गवाह" आपके घर भेजेगा। फोन काट दें। डिजिटल अरेस्ट स्कैम: क्या करें।
- कॉल करने वाला कुछ भी कहे, परिवार को बताएं। चुप रहने को कहना ही इस स्कैम का तरीका है, ताकि आप अकेले पड़ जाएं।
- पैसे चले गए हों तो तुरंत 1930 पर कॉल करें, फिर बैंक के आधिकारिक नंबर पर बैंक को बताएं और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। पैसे गए? अभी क्या करें।
- प्रॉपर्टी के कागज़ात (आम सावधानियां, कानूनी सलाह नहीं): कॉल करने वाले के भेजे किसी भी व्यक्ति को कागज़ात, सोना या चेक न दें, और दबाव में कुछ भी साइन न करें। अगर कर चुके हैं, तो पुलिस शिकायत में हर कागज़ का ज़िक्र करें और किसी वकील से बात करें।
- और कॉल आ सकती हैं। नंबरों की शिकायत sancharsaathi.gov.in पर Chakshu में करें।
और पढ़ें: डिजिटल अरेस्ट के आंकड़े और सुप्रीम कोर्ट का केस; एस.पी. ओसवाल केस में पैसे का रास्ता।
स्रोत सूची / 2026-1002-DH
- PIB (MHA) — Mann Ki Baat: PM reminds citizens that no government agency conducts investigations via phone or video calls (27 October 2024) Primary
- The Daily Jagran — Delhi cybercrime goes beyond 'digital arrest' as cancer patient duped into selling Rs 2 cr home, losing life savings (30 September 2026, citing NDTV) Secondary
- The420.in — Cambodia-linked cyber syndicate targets 75-year-old Delhi woman for 22 days (30 September 2026) Secondary
- Outlook Money — Digital arrest scam goes beyond the screen: woman loses gold and Rs 2-crore home (2 October 2026, citing NDTV) Secondary
- The Hindu — 75-year-old digital arrest victim moves HC for CBI probe; Delhi Police asked to file status report (3 August 2026, updated 8 August 2026) Secondary
- The420.in — Delhi HC seeks status report from CBI, Delhi Police in digital arrest fraud (2 August 2026) Secondary