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News briefing

एस.पी. ओसवाल ₹7 करोड़ डिजिटल अरेस्ट केस: ED ने जिसे 'प्रिंसिपल हैंडलर' बताया, उसे गिरफ्तार किया

प्रकाशित 4 मिनट में पढ़ेंलेखक: Vivek Kumar
प्रतीकात्मक चित्र, जिस पर अंग्रेज़ी में लिखा है: DIGITAL ARREST: MONEY TRAIL

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का कहना है कि सोहेल अख्तर उर्फ राजू उन 2 फर्मों में से एक के बैंक खाते कंट्रोल करता था जिनमें ₹7 करोड़ सबसे पहले पहुंचे, और म्यूल अकाउंट जुटाने के लिए लोगों की भर्ती करता था। इस केस में ED की यह तीसरी गिरफ्तारी है।

01 / क्या हुआ

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का कहना है कि उसके जालंधर ज़ोनल ऑफिस ने पश्चिम बंगाल में 3 जगहों पर तलाशी के बाद 28 सितंबर 2026 को कोलकाता से सोहेल अख्तर उर्फ राजू (Sohel Akthar @ Raju) को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। मामला लुधियाना के उद्योगपति और वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन एस.पी. ओसवाल से जुड़ा है। ठगों ने CBI अफसर और न्यायपालिका के लोग बनकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखा और उनसे ₹7 करोड़ वसूल लिए।

ED की 1 अक्टूबर की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, कलकत्ता ने ट्रांज़िट रिमांड दी, और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज, जालंधर ने उसे 6 अक्टूबर तक ED कस्टडी में भेज दिया। ED उसे म्यूल बैंक अकाउंट जुटाने के लिए लोगों की भर्ती करने वाला "प्रिंसिपल हैंडलर" बताती है। वह आरोपी है, दोषी नहीं। इस केस में ED की यह तीसरी गिरफ्तारी है; इससे पहले दिसंबर 2025 में ED ने गुवाहाटी की रूमी कलिता और कानपुर के अर्पित राठौर को पकड़ा था। Outlook Business और Moneylife के मुताबिक, लुधियाना पुलिस इससे पहले असम से 2 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी। जांच में लुधियाना साइबर पुलिस की एक FIR और इसी गिरोह के खिलाफ डिजिटल अरेस्ट की 9 और FIR शामिल हैं।

02 / पैसा कैसे घुमाया गया

ED के मुताबिक पैसे का रास्ता यह रहा। ये सब आरोपियों पर लगे आरोप हैं:

  • पहले कंपनियों के खाते। ₹7 करोड़ सबसे पहले 2 फर्मों, Rigglo Ventures Private Limited और Frozenman Warehousing & Logistics, के खातों में पहुंचे। Frozenman के खाते कलिता और राठौर कंट्रोल करते थे, और ED के मुताबिक आरोपियों ने पैसा तेज़ी से आगे भेजने के लिए "AMMFORWARD" नाम के एक APK का इस्तेमाल किया। Rigglo के खाते अख्तर कंट्रोल और ऑपरेट करता था।
  • OTP फॉरवर्ड करने वाले फोन। मोबाइल फोन में पहले से APK फाइलें (Play Store के बाहर से इंस्टॉल होने वाले Android ऐप) डाउनलोड थीं। Rigglo और दूसरी संस्थाओं के बैंक खातों से जुड़े SIM कार्ड इन फोन में डाले गए; ऐप चालू होते ही नेपाल में बैठे साथी अपने फोन पर OTP और बाकी SMS पढ़ सकते थे।
  • कमीशन क्रिप्टो में। राठौर ने ED के शब्दों में "कंबोडिया, वियतनाम वगैरह" के लोगों को म्यूल अकाउंट दिए, और अख्तर ने विदेश में बैठे लोगों को। दोनों को कमीशन Binance पर क्रिप्टोकरेंसी में मिला।
  • म्यूल अकाउंट और कैश। पैसा कई म्यूल अकाउंट में बांटा गया, जहां अलग-अलग अपराधों के करोड़ों रुपये शेल कंपनियों के ज़रिए घुमाए गए और कारोबार (ट्रेड) की आड़ में विदेश भेजे गए। बाकी पैसा ₹2 लाख से ₹5 लाख की किस्तों में आगे भेजा गया, तुरंत कैश निकाला गया और उससे क्रिप्टो खरीदकर, कमीशन काटने के बाद, विदेशी नागरिकों के खातों में डाला गया। ये म्यूल अकाउंट आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को लोन या नौकरी का झूठा वादा करके खुलवाए गए थे।

हैंडलर विदेश में हो सकते हैं, लेकिन बैंक खाता, SIM कार्ड और कैश निकालना, तीनों के लिए भारत में कोई चाहिए।

03 / ₹7 करोड़ कहां गए

रिलीज़ के फ्लो चार्ट के मुताबिक ओसवाल ने ₹4 करोड़ Frozenman को और ₹3 करोड़ Rigglo को भेजे। चार्ट में Frozenman की तरफ से ₹3.40 करोड़ और Rigglo की तरफ से ₹1.53 करोड़ उन्हें वापस लौटते दिखते हैं, यानी हमारे जोड़ के हिसाब से ₹4.93 करोड़; ED ने कुल रकम नहीं बताई। बाकी में से ₹0.60 करोड़ एक दूसरी फर्म को और ₹1.47 करोड़ 48 दूसरे लोगों को गए। पहले की मीडिया रिपोर्टों में पुलिस की रिकवरी ₹5.25 करोड़ (Moneylife) और "लगभग ₹5 करोड़" (Outlook Business) बताई गई थी।

ED ने 14 फरवरी 2026 को ₹1.76 करोड़ प्रोविज़नल तौर पर अटैच किए। 19 फरवरी को उसने कलिता, राठौर, आनंद चौधरी, अतनु चौधरी और Frozenman के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की, जो PMLA में चार्जशीट जैसी होती है। उस कंप्लेंट में अख्तर का नाम नहीं है। ED का कहना है कि जांच जारी है।

04 / पुष्टि बनाम रिपोर्ट

पुष्टि (ED की रिलीज़): गिरफ्तारी, रिमांड, अटैचमेंट और कंप्लेंट। ED के आरोप, कोर्ट में साबित नहीं: खातों का रास्ता और फ्लो चार्ट के आंकड़े; किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है। मीडिया रिपोर्ट: पुलिस रिकवरी के आंकड़े और पुलिस की पहले की गिरफ्तारियां। जहां रिपोर्टें अलग हैं: IANS की एक रिपोर्ट (SocialNews.XYZ पर) ED के हवाले से कहती है कि कलिता और राठौर दोनों फर्मों के खाते कंट्रोल करते थे, लेकिन आगे Rigglo के खाते अख्तर से जोड़ती है; ED की रिलीज़ कलिता और राठौर को सिर्फ Frozenman से जोड़ती है। ED ने ठगी की तारीख नहीं बताई; Outlook Business और Moneylife के मुताबिक यह अगस्त 2024 के आखिर में हुई (The Tribune ने अगस्त 2023 लिखा है)। ED ने नाम ज़्यादातर "Akthar" लिखा है; कुछ रिपोर्टें "Akhtar" लिखती हैं।

05 / आपके लिए इसका मतलब

स्रोत सूची / 2026-1002-OS

और रिपोर्ट