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गाइड

डिजिटल अरेस्ट स्कैम: कॉल को कैसे पहचानें, कॉल के दौरान क्या करें और पैसे दे दिए हों तो क्या करें

4 मिनट में पढ़ेंलेखक: Vivek Kumar
प्रतीकात्मक चित्र, जिस पर अंग्रेज़ी में लिखा है: DIGITAL ARREST IS A SCAM

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।

भारत की कोई भी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी से पूछताछ नहीं करती और न ही किसी को गिरफ्तार करती है। जानिए नकली CBI, पुलिस और TRAI वाली स्क्रिप्ट कैसे चलती है, कॉल से सुरक्षित कैसे निकलें और इसकी शिकायत कहां करें: 1930, cybercrime.gov.in और संचार साथी का Chakshu।

01 / डिजिटल अरेस्ट स्कैम क्या है

असली डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज़ होती ही नहीं। यह शब्द एक वसूली (एक्सटॉर्शन) स्कैम के लिए इस्तेमाल होता है। पुलिस, CBI, नारकोटिक्स, प्रवर्तन निदेशालय (ED), RBI या TRAI के अफसर बनकर अपराधी आपको यकीन दिलाते हैं कि आपके खिलाफ जांच चल रही है। फिर वे आपको वीडियो कॉल पर रोके रखते हैं, कई बार घंटों तक, जब तक आप अपना नाम ‘साफ’ करवाने के लिए पैसे ट्रांसफर नहीं कर देते। गृह मंत्रालय के मुताबिक यह स्कैम सीमा पार के गिरोहों द्वारा चलाया जाने वाला एक संगठित ऑनलाइन आर्थिक अपराध है, और देश भर में पीड़ितों ने इसमें बड़ी रकम गंवाई है।

अगर वर्दी में कोई आपसे कहे कि पैसे देने तक वीडियो कॉल पर बने रहो, तो यही स्कैम है, जांच नहीं।

02 / स्क्रिप्ट: कॉल आमतौर पर कैसे चलती है

गृह मंत्रालय और TRAI एक ही पैटर्न बताते हैं:

  • जाल: कहा जाता है कि आपके भेजे हुए या आपके नाम आए पार्सल में ड्रग्स, नकली पासपोर्ट या कोई और गैरकानूनी सामान है। या बताया जाता है कि आपका कोई रिश्तेदार गिरफ्तार हो गया है या किसी हादसे में फंसा है।
  • धमकी: TRAI या पुलिस बनकर लोग आप पर टेलीकॉम या वित्तीय नियम तोड़ने का आरोप लगाते हैं और गिरफ्तारी, खाते फ्रीज़ करने या मोबाइल नंबर बंद करने की धमकी देते हैं।
  • दिखावा: कॉल करने वाला आपको Skype, WhatsApp या किसी दूसरे वीडियो ऐप पर ले जाता है। ठग पुलिस स्टेशन और सरकारी दफ्तर जैसे दिखने वाले सेट इस्तेमाल करते हैं, वर्दी पहनते हैं और जाली दस्तावेज़ व पहचान पत्र दिखाते हैं।
  • अकेला करना: आपसे कहा जाता है कि मामला निपटने तक कैमरे के सामने ही रहें।
  • मांग: ज़मानत, जुर्माने या वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे।

आपकी स्क्रीन पर दिख रहा नंबर कुछ साबित नहीं करता। सरकार के मुताबिक इन स्कैम में अपराधियों ने ऐसी अंतरराष्ट्रीय कॉल इस्तेमाल की हैं जिन्हें स्पूफ करके भारतीय मोबाइल नंबर जैसा दिखाया गया, और सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों से ऐसी कॉल ब्लॉक करने को कहा है।

03 / सरकार क्या कहती है

  • 27 अक्टूबर 2024 को मन की बात में प्रधानमंत्री ने लोगों को याद दिलाया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर जांच नहीं करती। उन्होंने लोगों से रुकने, सोचने और फिर कदम उठाने की अपील की, और 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करने को कहा।
  • TRAI ने अगस्त 2025 में कहा कि फोन कॉल, मैसेजिंग ऐप या वीडियो प्लेटफॉर्म के ज़रिए कोई भी नियामक संस्था न जांच करती है, न पैसे वसूलती है। उसने यह भी कहा कि वह नंबर बंद करने के बारे में ग्राहकों से संपर्क नहीं करता।
  • गृह मंत्रालय के मई 2024 के अलर्ट में कहा गया है कि ऐसी कॉल आने पर तुरंत 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। मार्च 2025 तक I4C ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम में इस्तेमाल हुई 3,962 से ज़्यादा Skype ID और 83,668 WhatsApp अकाउंट ब्लॉक किए थे।

04 / अगर आप अभी ऐसी कॉल पर हैं

  • कॉल काट दें। TRAI की सलाह है कि धमकी भरी या संदिग्ध कॉल तुरंत काट दें। कॉल खत्म करने के लिए आपको किसी की इजाज़त की ज़रूरत नहीं है।
  • कुछ भी शेयर न करें: आधार, PAN, बैंक डिटेल, OTP या अपने खातों के स्क्रीनशॉट, न कॉल पर, न वीडियो चैट पर।
  • पैसे न भेजें, न इधर-उधर करें, किसी भी खाते में नहीं, चाहे उसे "सेफ" या "वेरिफिकेशन" खाता बताया जाए, और उनके कहने पर कोई ऐप इंस्टॉल न करें।
  • खुद जांचें। अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन या उस एजेंसी का नंबर उसकी आधिकारिक वेबसाइट से खुद ढूंढें और खुद कॉल करें। कॉल करने वाले का दिया नंबर या link कभी इस्तेमाल न करें।
  • किसी को बताएं। परिवार के किसी सदस्य या दोस्त से बात करें। यह स्कैम आपको अकेला और डरा हुआ रखने पर ही टिका है।
  • शिकायत करें: 1930 या cybercrime.gov.in पर, भले ही आपने पैसे न दिए हों।

05 / अगर आप पैसे दे चुके हैं

तुरंत 1930 पर कॉल करें। सरकार के मुताबिक यह हेल्पलाइन ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों की मदद करती है, शिकायत जल्दी दर्ज करवाकर और जहां मुमकिन हो वहां फ्रॉड वाले ट्रांज़ैक्शन फ्रीज़ करवाकर, इसलिए जितनी जल्दी कॉल करें, उतना बेहतर। इसके बाद:

  • cybercrime.gov.in पर Financial Fraud श्रेणी में शिकायत दर्ज करें और एक्नॉलेजमेंट नंबर नोट कर लें।
  • हर ट्रांसफर की जानकारी ट्रांज़ैक्शन ID के साथ अपने बैंक को लिखित में दें। हमारी UPI फ्रॉड गाइड RBI की रिपोर्टिंग की समय-सीमा समझाती है।
  • सबूत संभालकर रखें: फोन नंबर, वीडियो कॉल ID, नकली दस्तावेज़ों और वर्दी के स्क्रीनशॉट, चैट और पेमेंट की रसीदें।
  • बाद में अगर कोई फीस लेकर पैसे वापस दिलाने की पेशकश करे, तो उससे सावधान रहें।

06 / संचार साथी के Chakshu पर नंबर की शिकायत करें

दूरसंचार विभाग (DoT) की Chakshu सेवा, जो संचार साथी पोर्टल और ऐप पर है, आपको संदिग्ध फ्रॉड कॉल, SMS और WhatsApp मैसेज की शिकायत करने देती है, जिनमें सरकारी अफसर बनकर की गई कॉल भी शामिल हैं। आप संदिग्ध link की भी शिकायत कर सकते हैं। 30 दिन के अंदर शिकायत करें: पोर्टल के मुताबिक इस अवधि में की गई शिकायतों की जांच की जाती है। Chakshu सिर्फ कॉल या मैसेज की शिकायत के लिए है। अगर आपके पैसे गए हैं, तो पोर्टल खुद कहता है कि 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। TRAI भी Chakshu या TRAI DND ऐप के ज़रिए नंबर फ्लैग करने का सुझाव देता है।

07 / आपकी चेकलिस्ट

  • याद रखें कि कोई भी एजेंसी वीडियो कॉल पर न जांच करती है, न गिरफ्तार करती है।
  • कॉल काटें; कोई जानकारी शेयर न करें, पैसे न दें और कुछ इंस्टॉल न करें।
  • आधिकारिक वेबसाइट और खुद ढूंढे गए नंबरों से ही जांच करें।
  • परिवार के किसी सदस्य को बताएं।
  • अगर पैसे दे दिए हैं, तो 1930 पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक को बताएं।
  • 30 दिन के अंदर Chakshu पर नंबर या link की शिकायत करें।
  • घर के बुज़ुर्गों को सावधान करें: TRAI के मुताबिक वरिष्ठ नागरिकों को खास तौर पर सतर्क रहने की ज़रूरत है।

स्रोत सूची / 2026-0929-GD

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