Analysis
आंकड़ों में भारत का साइबर अपराध: NCRP, 1930 और RBI की 2025-26 रिपोर्ट असल में क्या दिखाती है

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।
राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायतें बढ़ती जा रही हैं, 2025 में बताया गया नुकसान करीब ₹22,500 करोड़ रहा, और 1930 सिस्टम ₹11,000 करोड़ से ज़्यादा बचा चुका है। RBI की बैंक-फ्रॉड तालिकाएं एक अलग और सीमित तस्वीर दिखाती हैं।
01 / शिकायतें और नुकसान
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP, cybercrime.gov.in) और इसकी वित्तीय धोखाधड़ी वाली शाखा, Citizen Financial Cyber Fraud Reporting and Management System (CFCFRMS), भारत में साइबर फ्रॉड को लगभग रियल-टाइम में मापने का सबसे अच्छा ज़रिया हैं। 2025 और 2026 के मुख्य आंकड़े:
- 2021 से 2025, सभी साल मिलाकर: NCRP पर 65.89 लाख से ज़्यादा वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें, ₹55,050 करोड़ से ज़्यादा का बताया गया नुकसान, ₹8,189 करोड़ से ज़्यादा रकम पर लियन (lien) लगी, और 1,95,760 से ज़्यादा FIR। स्रोत: गृह मंत्रालय (MHA), लोकसभा अतारांकित प्रश्न 251, 21 जुलाई 2026।
- 2025: 28.15 लाख मामले, जो 2024 के 22.68 लाख से ज़्यादा हैं, और कम से कम ₹22,495 करोड़ का नुकसान, जबकि 2024 में यह ₹22,845 करोड़ था। FIR 66,370 से घटकर 55,484 रह गईं। गंवाए गए पैसे का 76% हिस्सा निवेश फ्रॉड का था। स्रोत: ThePrint द्वारा रिपोर्ट किया गया MHA डेटा, 21 फरवरी 2026।
- वरिष्ठ नागरिक और महिलाएं, 2025: 1,03,488 वरिष्ठ नागरिकों ने ₹4,005.12 करोड़ और 4,63,114 महिलाओं ने ₹3,764.51 करोड़ का नुकसान बताया, कुल ₹7,769.63 करोड़। स्रोत: राज्यसभा में MHA का जवाब, ANI की रिपोर्ट, 5 अगस्त 2026।
संदर्भ के लिए, MHA के मुताबिक NCRB की Crime in India रिपोर्ट, जो पोर्टल शिकायतों की बजाय दर्ज FIR गिनती है, अभी सिर्फ 2024 तक पहुंची है। पोर्टल शिकायतें और FIR अलग-अलग पैमाने हैं और इनकी सीधी तुलना नहीं करनी चाहिए।
02 / 'गोल्डन आवर': 1930 कितना बचाता है
CFCFRMS, जिस तक 1930 पर कॉल करके पहुंचा जाता है, बैंकों को चोरी का पैसा और म्यूल खातों में आगे भेजे जाने से पहले रोकने (होल्ड करने) देता है। MHA का "बचाई गई" रकम का कुल आंकड़ा तेज़ी से बढ़ा है:
- 31 दिसंबर 2025 तक 23.61 लाख शिकायतों में ₹8,189 करोड़ से ज़्यादा (राज्यसभा जवाब, 4 फरवरी 2026)।
- 30 जून 2026 तक 32.80 लाख शिकायतों में ₹11,158 करोड़ से ज़्यादा (21 और 28 जुलाई 2026 के लोकसभा जवाब)।
पहले के आंकड़े आपस में मेल नहीं खाते। ThePrint ने दिसंबर 2025 के एक MHA जवाब का हवाला देकर 23.02 लाख शिकायतों में ₹7,130 करोड़ बचाए जाने की बात कही थी। उस आंकड़े की कट-ऑफ तारीख शायद पहले की है। 21 जुलाई का लोकसभा जवाब 2021 से 2025 के लिए "लियन लगी" रकम भी ठीक ₹8,189 करोड़ बताता है, यानी वही संख्या जो दिसंबर 2025 तक "बचाई गई" कुल रकम है। MHA के जवाबों में यह नहीं बताया गया कि "बचाई गई" और "लियन लगी" का मतलब एक ही है या नहीं।
"बचाया गया" का मतलब है रोका और होल्ड किया गया। इसका मतलब वापस मिल जाना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त 2026 के आदेश में दर्ज है कि नए मनी-रिस्टोरेशन मॉड्यूल के ज़रिए 36,290 मामलों में ₹18.05 करोड़ लौटाए गए।
30 जून 2026 तक I4C के दूसरे आंकड़े: Suspect Registry ने 30.48 लाख संदिग्ध पहचानकर्ता (identifiers) और 32.08 लाख फर्स्ट-लेयर म्यूल खाते साझा किए हैं, और ₹25,698 करोड़ के लेनदेन रोके (decline किए) हैं। 15.75 लाख SIM कार्ड और 5.77 लाख IMEI ब्लॉक किए गए हैं।
03 / RBI की सालाना रिपोर्ट क्या दिखाती है, और क्या नहीं
29 मई 2026 को जारी RBI Annual Report 2025-26 के मुताबिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 2025-26 में ₹48,021 करोड़ के 10,114 फ्रॉड रिपोर्ट किए, जबकि 2024-25 में ₹32,803 करोड़ के 23,722 फ्रॉड थे (Table VI.2)।
- कार्ड, इंटरनेट और डिजिटल पेमेंट (Table VI.3): 2025-26 में 293 मामले, ₹29 करोड़, जबकि 2024-25 में 13,332 मामले और ₹517 करोड़, और 2023-24 में 28,836 मामले और ₹1,452 करोड़।
- कुल का ज़्यादातर हिस्सा एडवांस (लोन फ्रॉड) का था: 8,640 मामले और ₹40,774 करोड़।
- 2025-26 के आंकड़े में ₹30,199 करोड़ के 314 पुराने मामले शामिल हैं। मार्च 2023 के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का पालन करने के लिए दोबारा जांच के बाद इन्हें फिर से रिपोर्ट किया गया।
डिजिटल आंकड़े का मतलब यह नहीं है कि डिजिटल फ्रॉड खत्म हो गया। यह तालिका सिर्फ बैंकों द्वारा रिपोर्ट किए गए ₹1 लाख और उससे ज़्यादा के फ्रॉड गिनती है, जिनमें से कई सालों पहले हुए थे। ज़्यादातर आम लोगों के साथ होने वाले साइबर फ्रॉड में छोटी रकम होती है, जिसकी शिकायत पीड़ित 1930 और NCRP पर करते हैं। RBI इस भारी गिरावट की वजह नहीं बताता। कुछ मीडिया रिपोर्टों में कार्ड फ्रॉड का हिस्सा अलग बताया गया; हमने सिर्फ RBI की अपनी तालिकाओं पर भरोसा किया है। इसके अलावा, RBI का कहना है कि वह एक Digital Payment Intelligence Platform बना रहा है, जिसका पहला चरण अगस्त 2025 से चल रहा है, और authorised push-payment फ्रॉड से निपटने के लिए कुछ डिजिटल पेमेंट में "रुकावटें" (frictions) जोड़ने पर विचार करेगा।
04 / पुष्टि बनाम दावा
प्राथमिक दस्तावेज़ों से पुष्टि: 2021 से 2025 के NCRP कुल आंकड़े, CFCFRMS के कुल आंकड़े, Suspect Registry और ब्लॉकिंग के आंकड़े, और RBI की फ्रॉड तालिकाएं। रिपोर्ट हुआ लेकिन प्राथमिक दस्तावेज़ों में नहीं देखा गया: 2025 के सालाना कुल आंकड़े (₹22,495 करोड़; 28.15 लाख मामले) ThePrint को दिए गए MHA डेटा से हैं, और महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों के आंकड़े राज्यसभा के एक जवाब पर ANI की रिपोर्ट से हैं।
05 / अभी क्या करें
- अगर आपके पैसे गए हैं, तो पहले कुछ घंटों के अंदर 1930 पर कॉल करें। ऊपर का हर आंकड़ा जल्दी शिकायत पर ही टिका है। फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
- साथ ही अपने बैंक को भी तुरंत बताएं। ट्रांज़ैक्शन ID, UPI रेफरेंस और स्क्रीनशॉट संभालकर रखें।
- स्कैम कॉल और मैसेज की शिकायत Sancharsaathi.gov.in पर Chakshu के ज़रिए करें।
- WhatsApp या Telegram पर "निवेश" के ऑफर से सबसे ज़्यादा सावधान रहें। MHA के डेटा के मुताबिक 2025 में करीब तीन-चौथाई नुकसान इन्हीं से हुआ।
- अपना बैंक खाता या SIM कभी किराये पर न दें, न "उधार" दें। म्यूल खाते अब कार्रवाई का मुख्य निशाना हैं।
स्रोत सूची / 2026-0929-NB
- MHA — Lok Sabha unstarred question 251, National Cyber Crime Data (21 July 2026) Primary
- MHA — Rajya Sabha unstarred question 553, Prevention of Cyber Financial Fraud (4 February 2026) Primary
- PIB (MHA) — Cyber Crime Mitigation Centre (28 July 2026) Primary
- RBI — Annual Report 2025-26, Chapter VI: Regulation, Supervision and Financial Stability (29 May 2026) Primary
- RBI — Annual Report 2025-26, Chapter IX: Payment and Settlement Systems (29 May 2026) Primary
- ThePrint — Cybercrime saw 24% spike in 2025; Indians lost Rs 22,495 crore (21 February 2026) Secondary
- ANI — Over 1 lakh senior citizens, 4.63 lakh women lodged cyber fraud complaints worth Rs 7,769 crore in 2025 (5 August 2026) Secondary
- LiveLaw — Digital Arrest Scams: Supreme Court issues directions (4 August 2026) Secondary