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गाइड

IPO allotment scam: WhatsApp के VIP quota और payment trap की पहचान

प्रकाशित 3 मिनट में पढ़ेंलेखक: Vivek Kumar
प्रतीकात्मक चित्र, जिस पर अंग्रेज़ी में लिखा है: FAKE IPO ALLOTMENT

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।

एक ग्रुप किसी ख़ास 'institutional' या 'VIP' अकाउंट के ज़रिए IPO में पक्के शेयर दिलाने का वादा करता है, एक app में allotment और मुनाफ़ा दिखाता है, फिर और पैसे या निकासी के लिए फ़ीस मांगता है। असली IPO आवेदन ऐसे कभी काम नहीं करता। यहां जानें ASBA कैसे काम करता है और bid की पुष्टि कैसे करें।

01 / छोटा जवाब

कोई भी WhatsApp या Telegram ग्रुप आपको IPO में शेयर मिलने की गारंटी नहीं दे सकता, और कोई भी असली IPO आवेदन आपसे किसी व्यक्ति को या किसी कंपनी के 'कलेक्शन' खाते में पैसे भेजने को नहीं कहता। जब आप ASBA से आवेदन करते हैं, तो आवेदन की रकम allotment तक आपके अपने बैंक खाते में ही ब्लॉक रहती है। अगर आपको शेयर allot नहीं होते, तो 'रिफ़ंड' करने को कुछ होता ही नहीं: ब्लॉक बस हटा दिया जाता है।

आपके बैंक में ब्लॉक हुआ पैसा और किसी अनजान खाते में भेजा गया पैसा, दोनों अलग बातें हैं।

02 / जाल कैसे बिछाया जाता है

NSE निवेशकों को WhatsApp ग्रुप, Telegram चैनल और सोशल मीडिया पर मौजूद ऐसे लोगों के बारे में चेतावनी देता है जो 'FPI या Foreign Institutional Investor (FII) सब-अकाउंट या ख़ास सुविधाओं वाले institutional अकाउंट' के ज़रिए ट्रेडिंग कराने का दावा करते हैं, नकली सर्टिफ़िकेट दिखाते हैं, और 'पक्के मुनाफ़े के झूठे वादों के साथ pre-IPO सब्सक्रिप्शन करवाने' का दावा करते हैं।

नकली ट्रेडिंग app स्कैम के बारे में SEBI का अपना ब्योरा भी यही सिलसिला बताता है: ग्रुप में भरोसा बनाया जाता है, एक app में मनगढ़ंत allotment और मुनाफ़ा दिखाया जाता है, और पैसे डालने का दबाव डाला जाता है, फिर निकासी रोक दी जाती है या पैसा 'रिलीज़' करने के लिए नई फ़ीस मांगी जाती है। किसी प्राइवेट app के अंदर दिखा allotment इस बात का सबूत नहीं है कि आपके पास कोई शेयर है। नकली ट्रेडिंग app।

03 / असली IPO आवेदन में आपका पैसा कैसे संभाला जाता है

  • आप अपने बैंक (ASBA) से या अपने ब्रोकर के app से, आवेदन से जुड़े UPI mandate के ज़रिए आवेदन करते हैं।
  • रकम आपके खाते में ब्लॉक होती है, ट्रांसफ़र नहीं होती। SEBI के मुताबिक यह 'allotment तक उनके खाते में ही रहती है'।
  • अगर शेयर allot होते हैं, तो सिर्फ़ उन्हीं शेयरों की रकम कटती है। नहीं होते, तो ब्लॉक हटा दिया जाता है।

किसी निजी UPI ID पर, चैट में भेजे गए किसी कंपनी खाते में, या 'allotment डिपॉज़िट' के नाम पर पेमेंट की मांग इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।

04 / आवेदन से पहले और बाद में जांचें

  1. सिर्फ़ अपने बैंक से या किसी रजिस्टर्ड ब्रोकर के आधिकारिक app से आवेदन करें।
  2. अपनी bid और allotment एक्सचेंज के आधिकारिक bid-verification पेज या रजिस्ट्रार की साइट पर जांचें। NSE के पेज पर यह जानकारी तय समय-सीमा में उपलब्ध होने की बात लिखी है, इसलिए आवेदन के तुरंत बाद 'not found' आना फ्रॉड का सबूत नहीं है।
  3. अगर कोई आपसे पेमेंट करने को कहे, तो उस खाते को SEBI Check पर जांचें, जो बताता है कि कोई बैंक खाता, UPI ID या QR कोड किसी SEBI-रजिस्टर्ड intermediary का है या नहीं। SEBI Check का इस्तेमाल कैसे करें। SEBI Check सिर्फ़ पहचान की पुष्टि करता है; यह allotment या मुनाफ़े का वादा नहीं करता।

05 / Pre-IPO ऑफ़र

हर pre-IPO या unlisted शेयर का सौदा गैरकानूनी नहीं होता, लेकिन पक्के मुनाफ़े का वादा ठीक वही बात है जिसके बारे में NSE चेतावनी देता है। कोई भी पैसा जाने से पहले पूछें कि बेच कौन रहा है, क्या वह SEBI-रजिस्टर्ड है, शेयर कहां रखे जाएंगे, और आप ट्रांसफ़र की पुष्टि खुद, अलग से कैसे करेंगे।

06 / अगर आप पेमेंट कर चुके हैं

  • पेमेंट करना बंद करें। कोई भी 'टैक्स', 'अनलॉक फ़ीस' या 'निकासी चार्ज' एक और नुकसान है।
  • 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। शिकायत कैसे करें। अपने बैंक को बताएं।
  • ग्रुप का नाम, app का नाम और लिंक, चैट और हर पेमेंट का रेफ़रेंस संभालकर रखें।

शिकायत करने से पैसा वापस मिलने की गारंटी नहीं होती। रिकवरी असल में कैसी होती है।

07 / स्रोत और सीमाएं

आधिकारिक पेजों से पुष्टि: NSE की advisory (24 सितंबर 2026 को अपडेट), ASBA और नकली ट्रेडिंग app पर SEBI की गाइडेंस, और SEBI Check। हमें IPO-allotment स्कैम से हुए नुकसान का पूरे भारत का कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं मिला।

स्रोत सूची / 2026-0930-IP

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