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गाइड

फ़र्ज़ी सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र: 'जॉइनिंग फ़ीस' देने से पहले भर्ती नोटिस कैसे जांचें

प्रकाशित 7 मिनट में पढ़ेंलेखक: Vivek Kumar
प्रतीकात्मक चित्र, जिस पर अंग्रेज़ी में लिखा है: FAKE JOB LETTER

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र। यह असली तस्वीर या दस्तावेज़ नहीं है।

PIB Fact Check ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के नाम पर फ़र्ज़ी नियुक्ति पत्रों से आगाह किया है। UPSC, SSC, विभाग की अपनी वेबसाइट और Employment News पर लेटर या नोटिस कैसे जांचें, पैसे मांगने वाले संकेत, और पैसे दे दिए तो क्या करें।

01 / छोटा जवाब

अगर सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र (appointment letter) WhatsApp, सोशल मीडिया या ईमेल पर आए, और फिर कोई उसे कन्फ़र्म करने, प्रोसेस करने या आपका 'वेरिफ़िकेशन' करने के लिए पैसे मांगे, तो रुक जाइए। जब तक वही भर्ती, भर्ती करने वाली संस्था की अपनी वेबसाइट पर न मिल जाए, या आप किसी आधिकारिक चैनल से पैसे की मांग जांच न लें, कोई पेमेंट न करें। लोगो, मुहर और employee code वाला लेटर अपने आप में कुछ साबित नहीं करता।

भर्ती किसी आधिकारिक वेबसाइट पर नहीं मिली, तो नौकरी के नाम पर किसी को पैसे न दें।

पैसे दे चुके हैं? अभी 1930 पर कॉल करें, फिर अपने बैंक को उसके आधिकारिक नंबर पर। पूरे कदम हिस्सा 06 में हैं।

02 / PIB Fact Check ने क्या पकड़ा

पुष्टि: 10 सितंबर 2026 को प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो की फ़ैक्ट-चेक यूनिट PIB Fact Check ने X पर कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) के नाम पर कई फ़र्ज़ी नियुक्ति पत्र सोशल मीडिया पर घूम रहे हैं। उसने कहा कि ये लेटर 'फ़र्ज़ी हैं और इनका ग्रामीण विकास मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है', और लोगों से ऐसे फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों से सावधान रहने को कहा।

मीडिया रिपोर्ट: Outlook Money ने 15 सितंबर को लिखा कि पोस्ट के साथ दिखाए गए लेटर नियुक्ति पत्र और कन्फ़र्मेशन लेटर की शक्ल में बने हैं, जिनमें employee code, रिपोर्टिंग की तारीख, ड्यूटी का समय, डिवीज़न, ब्रांच, पोस्टिंग और सैलरी की जानकारी है। कुछ में Assistant Field Officer और Section Officer जैसे पदों का नाम है। Outlook Money के मुताबिक PIB ने लोगों से ऐसे दस्तावेज़ आगे फ़ॉरवर्ड न करने को भी कहा। LatestLY ने 10 सितंबर को रिपोर्ट किया कि ये लेटर मैसेजिंग ऐप पर भी फैल रहे थे।

न PIB की पोस्ट और न ही ये रिपोर्टें बताती हैं कि इन लेटरों में कितने पैसे मांगे गए, या पैसे मांगे भी गए या नहीं, और कितने लोगों तक ये पहुंचे या कितनों ने पैसे दिए।

मीडिया रिपोर्ट: PIB Fact Check पहले भी आगाह कर चुका है। Outlook Money ने 16 अगस्त को जिस X पोस्ट की रिपोर्ट की, उसमें उसने नौकरी ढूंढने वालों से कहा था: 'Beware of Scams in the Name of Government Jobs!' (सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाले स्कैम से सावधान)। Outlook Money के मुताबिक उस पोस्ट के वीडियो में ठग मेडिकल फ़ीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज और डॉक्यूमेंट वेरिफ़िकेशन फ़ीस के नाम पर पैसे मांगते दिखाए गए हैं, और चेतावनी दी गई है कि किसी भर्ती पोस्ट या वेबसाइट पर सरकारी लोगो या प्रतीक चिह्न होने से वह असली नहीं हो जाती। रिपोर्ट में PIB का कथन है: 'Always obtain recruitment-related information only from official sources and stay cautious of those demanding money.' (भर्ती की जानकारी सिर्फ़ आधिकारिक स्रोतों से लें और पैसे मांगने वालों से सावधान रहें)। हम मूल वीडियो तक नहीं पहुंच पाए, इसलिए इसे रिपोर्ट के हवाले से दे रहे हैं।

03 / 'पैसे मत दो' कौन कहता है, और ठीक-ठीक क्या कहता है

आपने अक्सर पढ़ा होगा, 'जॉइनिंग फ़ीस कभी न दें'। किसने क्या कहा है, यह देखिए:

  • Outlook Money (15 सितंबर), अपनी सलाह में, PIB की नहीं: अगर कोई नियुक्ति कन्फ़र्म करने, जॉइनिंग लेटर प्रोसेस करने, वेरिफ़िकेशन पूरा करने या सरकारी नौकरी पक्की करने के बदले पैसे मांगे, तो इसे 'बड़ा चेतावनी संकेत' (major warning sign) मानें, और किसी आधिकारिक सरकारी चैनल से खुद जांचे बिना पेमेंट न करें।
  • National Career Service (NCS), श्रम और रोज़गार मंत्रालय का जॉब पोर्टल, अपने होमपेज पर कहता है कि उसकी सेवाएं मुफ़्त हैं, वह 'रजिस्ट्रेशन, जॉब एप्लिकेशन, इंटरव्यू प्रोसेसिंग और रोज़गार से जुड़ी दूसरी सेवाओं के किसी भी चरण में' कोई फ़ीस नहीं लेता, और 'Jobseekers should not pay fees to employers' (नौकरी ढूंढने वालों को नियोक्ताओं को फ़ीस नहीं देनी चाहिए)। वह यह भी चेताता है कि कुछ वेबसाइटें और लोग NCS से जुड़े होने का झूठा दावा करते हैं और उसका लोगो इस्तेमाल करते हैं।
  • PIB Fact Check, अगस्त में Outlook Money की रिपोर्ट के मुताबिक: पैसे मांगने वालों से सावधान रहें।

हमारी सलाह: जो पेमेंट भर्ती करने वाली संस्था की अपनी वेबसाइट पर दिए आधिकारिक नोटिस में नहीं लिखा, वह न करें, और जो लिखा है वह सिर्फ़ वहीं करें। लेटर के साथ आए किसी व्यक्ति, फ़ोन नंबर या लिंक पर कभी पैसे न भेजें।

04 / लेटर या नोटिस कैसे जांचें, कदम दर कदम

  • भर्ती का नोटिस ढूंढें। Outlook Money की सलाह है कि लेटर में लिखी जानकारी, और भेजने वाले को, आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई भर्ती अधिसूचना (recruitment notification) से मिलाएं। जिस नौकरी के लिए आपने कभी आवेदन ही नहीं किया, उसका लेटर पहला चेतावनी संकेत है।
  • UPSC के पद: upsc.gov.in खुद खोलें। इसके होमपेज पर भर्ती विज्ञापन (recruitment advertisement), नोटिस और रिज़ल्ट होते हैं, और वहीं लिखा है कि इसकी परीक्षाओं के आवेदन इसके पोर्टल upsconline.nic.in से होते हैं।
  • SSC के पद: ssc.gov.in खोलें। नोटिस बोर्ड और Apply, Admit Card, Answer Key और Result के लिंक होमपेज पर हैं। SSC के FAQ के मुताबिक उसकी परीक्षाओं के नोटिस की संभावित तारीखें उसके Annual Calendar of Examinations में होती हैं, और वह उम्मीदवारों को अपनी वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहने की सलाह देता है।
  • कोई मंत्रालय या विभाग: मैसेज में आए लिंक पर टैप करने के बजाय उसकी वेबसाइट का पता खुद टाइप करें। ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए यह rural.gov.in है। वहां भर्ती की अधिसूचना ढूंढें।
  • Employment News: सूचना और प्रसारण मंत्रालय यह साप्ताहिक 1976 से छापता है, अंग्रेज़ी में और हिंदी व उर्दू में रोज़गार समाचार के नाम से। उसके मुताबिक इसमें केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों और विभागों, PSU, राष्ट्रीयकृत बैंकों, UPSC और SSC की वैकेंसी, परीक्षा नोटिस और रिज़ल्ट छपते हैं। विज्ञापन वहां ढूंढें। LatestLY ने रिपोर्ट किया कि अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण विकास मंत्रालय की भर्ती सिर्फ़ सरकारी पोर्टल, राष्ट्रीय दैनिक अख़बारों और Employment News के ज़रिए छपती है, लेकिन उसने अधिकारियों के नाम नहीं बताए।
  • अब भी शक है? लेटर PIB Fact Check को WhatsApp पर +91 8799711259 पर भेजें, यह नंबर उसके पोर्टल पर दिया है। आप मैसेज हमारे स्कैम चेक में डालकर भी देख सकते हैं।
  • विदेश की नौकरी? विदेश मंत्रालय के eMigrate पोर्टल पर Emigration Act, 1983 के तहत रजिस्टर्ड recruiting agents की सूची है। एजेंट को 'Find Recruiting Agent' में जांचें। पोर्टल पर उन बिना रजिस्ट्रेशन वाली एजेंसियों की सूची भी है जिनके ख़िलाफ़ शिकायतें मिली हैं। सफ़र से पहले पढ़ें: फ़र्ज़ी जॉब ऑफ़र कैसे स्कैम कंपाउंड तक पहुंचाते हैं।

05 / लेटर या मैसेज में खतरे के संकेत

  • अचानक आया, WhatsApp, सोशल मीडिया या ऐसे ईमेल पते से जो विभाग से जुड़ा नहीं है। Outlook Money ठीक यही संकेत बताता है।
  • पैसे मांगता है, जॉइनिंग लेटर प्रोसेस करने या नियुक्ति कन्फ़र्म करने के लिए, या रजिस्ट्रेशन, मेडिकल या डॉक्यूमेंट वेरिफ़िकेशन फ़ीस के नाम पर।
  • बहुत सरकारी दिखता है। रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण विकास मंत्रालय के नाम वाले फ़र्ज़ी लेटरों में employee code, रिपोर्टिंग की तारीख और सैलरी, सब कुछ था। ब्योरे नकली बनाना आसान है; लोगो और मुहर भी।
  • OTP, आधार नंबर, बैंक की जानकारी या पासवर्ड मांगता है। Outlook Money ने अगस्त में रिपोर्ट किया कि PIB Fact Check ने अपनी पहले वाली पोस्ट में इन्हें शेयर न करने की चेतावनी दी थी।
  • डेडलाइन का दबाव डालता है, जैसे रिपोर्टिंग की तारीख, और उसे पेमेंट से जोड़ देता है।
  • भर्ती कहीं नहीं मिलती, न भर्ती करने वाली संस्था की वेबसाइट पर, न Employment News में।

वीडियो लाइक करने या रिव्यू लिखने के बदले पैसे का ऑफ़र मिला है? वह अलग ठगी है: टास्क और पार्ट-टाइम जॉब स्कैम।

06 / पैसे दे दिए या डॉक्यूमेंट भेज दिए?

  • पैसे कट गए हैं: अभी 1930 पर कॉल करें, फिर अपने बैंक को उसके आधिकारिक नंबर पर, फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत पूरी करें। पहले घंटे में क्या करना है, यह हमारी पैसे गए तो क्या करें वाली चेकलिस्ट और UPI फ्रॉड गाइड में है।
  • सबूत संभालकर रखें: लेटर, भेजने वाले का नंबर या ईमेल, जिस UPI ID या खाते में पैसे भेजे, और ट्रांज़ैक्शन रेफ़रेंस।
  • आधार या PAN की कॉपी भेज दी? अपनी आधार authentication history देखें और नज़र रखें कि आपके नाम पर कोई लोन तो नहीं लिया गया। कैसे जांचें और आधार को सुरक्षित करें।
  • अभी पैसे नहीं दिए, पर मांगे जा रहे हैं? नंबर या UPI ID को I4C के suspect search में देख सकते हैं; वहां नाम न मिलना सुरक्षित होने का सबूत नहीं है। मैसेज की शिकायत Chakshu पर करें।
  • लेटर आगे फ़ॉरवर्ड न करें, न दोस्तों को, न ग्रुप में। Outlook Money के मुताबिक PIB ने यही कहा है। इसके बजाय उसे PIB Fact Check को भेजें।
  • पुलिस केस दर्ज नहीं कर रही? आप क्या कर सकते हैं। जो कोई फ़ीस लेकर आपका पैसा 'वापस दिलाने' की पेशकश करे, उसे नज़रअंदाज़ करें: रिकवरी असल में कैसी होती है।

07 / स्रोत और सीमाएं

आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि: ग्रामीण विकास मंत्रालय के नाम वाले लेटर फ़र्ज़ी हैं, यह PIB Fact Check की 10 सितंबर 2026 की पोस्ट से, जिसे हमने X की embed सर्विस से जांचा; NCS का 'कोई फ़ीस नहीं' वाला बयान; UPSC, SSC, Employment News और eMigrate की वेबसाइटें अपने बारे में क्या कहती हैं; और PIB Fact Check का WhatsApp नंबर, उसके पोर्टल से। मीडिया रिपोर्ट: लेटरों में क्या लिखा है और PIB का इन्हें फ़ॉरवर्ड न करने का अनुरोध (Outlook Money, 15 सितंबर); हर पेमेंट मांग को बड़ा चेतावनी संकेत मानने की सलाह, जो Outlook Money की अपनी है, PIB की नहीं; PIB की पहले वाली पोस्ट और वीडियो में क्या था (Outlook Money, 16 अगस्त); मैसेजिंग ऐप पर फैलाव और बिना नाम वाले अधिकारियों का यह बयान कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की भर्ती कहां छपती है (LatestLY, 10 सितंबर)। दावा (लेटरों का): कि वे ग्रामीण विकास मंत्रालय से आए हैं। PIB कहता है कि ऐसा नहीं है। उपलब्ध नहीं: इन लेटरों में क्या मांगा गया, और कितने लोगों ने पैसे दिए या कितना गंवाया, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा।

स्रोत सूची / 2026-1003-YW

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